हरियाणा में 28 जून से राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (NID) के तहत पल्स पोलियो अभियान शुरू होगा। 0 से 5 साल के 36 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य, 17,331 बूथ और 34,000 टीमें रहेंगी सक्रिय।
Panchkula (Desk) 27 June 2026 |हरियाणा में एक बार फिर बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) हरियाणा के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि 28 जून से पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (NID) के तहत पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर राज्य को पूरी तरह पोलियो मुक्त बनाए रखना है।
डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार, इस बार अभियान के दौरान प्रदेशभर में करीब 36 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण टीकाकरण से वंचित न रह जाए।
अभियान के पहले दिन यानी 28 जून को राज्यभर में 17,331 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। इन बूथों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात रहेंगी, जहां अभिभावक अपने बच्चों को लेकर आ सकते हैं और उन्हें पोलियो की खुराक दिला सकते हैं। बूथों को ऐसे स्थानों पर स्थापित किया गया है, जहां अधिकतम लोगों की पहुंच आसान हो जैसे सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थान।
स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि पहले ही दिन अधिक से अधिक बच्चों को कवर किया जाए, ताकि अभियान का लक्ष्य तेजी से पूरा हो सके।
29 और 30 जून को घर-घर पहुंचेगी टीमें
जो बच्चे पहले दिन पोलियो बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें कवर करने के लिए 29 और 30 जून को विशेष रणनीति बनाई गई है। इन दो दिनों के दौरान 34,000 से अधिक टीमें घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। इन टीमों में आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे। हर टीम को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे सही तरीके से दवा पिलाने के साथ-साथ अभिभावकों को जागरूक भी कर सकें।

पोलियो उन्मूलन में हरियाणा की अहम भूमिका
हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल रहा है, जहां पोलियो उन्मूलन के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। भारत को वर्ष 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद सरकार और स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर ऐसे अभियान चलाते रहते हैं, ताकि वायरस का कोई भी खतरा दोबारा न उभर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि पोलियो एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो बच्चों को आजीवन विकलांग बना सकती है। इसलिए इसकी रोकथाम के लिए नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है।
डॉ. वीरेंद्र यादव ने प्रदेश के सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा है कि वे 28 जून को अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं और उन्हें पोलियो की खुराक दिलाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश बच्चे बूथ तक नहीं पहुंच पाते हैं, तो घर-घर आने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें।उन्होंने स्पष्ट किया कि “हर बच्चा सुरक्षित होगा, तभी हरियाणा सुरक्षित रहेगा।” इसलिए इस अभियान को सफल बनाने में आम जनता की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
पल्स पोलियो अभियान के दौरान केवल दवा पिलाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है जैसे माइक अनाउंसमेंट, पोस्टर, सोशल मीडिया और स्थानीय प्रतिनिधियों की मदद।ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विशेष फोकस रखा गया है, ताकि कोई भी क्षेत्र छूटे नहीं।
इस पूरे अभियान की निगरानी राज्य और जिला स्तर पर की जाएगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अभियान की प्रगति पर नजर रखें और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर जिले में कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सिस्टम भी सक्रिय रहेगा, जिससे रियल टाइम अपडेट मिलते रहेंगे।
हरियाणा में 28 जून से शुरू हो रहा पल्स पोलियो अभियान बच्चों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 36 लाख बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य तभी संभव है, जब सरकार के साथ-साथ आम जनता भी अपनी जिम्मेदारी समझे।अगर हर अभिभावक अपने बच्चे को समय पर पोलियो की दवा दिलाता है, तो यह अभियान निश्चित रूप से सफल होगा और हरियाणा पोलियो मुक्त राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाए रखेगा।
