पलवल में पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार के मामले में मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन ने डीआईपीआरओ और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Palwal Desk 4 July 2026 ।पलवल के गांव औरंगाबाद में 30 जून 2026 को आयोजित जिला प्रशासन के रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन, पलवल के जिला अध्यक्ष गुरुदत्त गर्ग ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (डीआईपीआरओ) बिजेंद्र कुमार तथा विभाग के संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
जारी बयान के अनुसार, कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार सतीश भूटानी, डिजिटल मीडिया पत्रकार संजीव राठौर तथा गुरुदत्त गर्ग समाचार कवरेज के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान डीआईपीआरओ ने पहले वरिष्ठ पत्रकार सतीश भूटानी को लाइव कवरेज करने से रोका। इसके बाद डिजिटल मीडिया पत्रकार संजीव राठौर के साथ कहासुनी हुई और उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर चलने तथा “देख लेने” जैसी धमकी दी गई।
एसोसिएशन का दावा है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज में डीआईपीआरओ संजीव राठौर को मंच के सामने से हाथ पकड़कर अथवा धक्का देकर बाहर ले जाने का प्रयास करते दिखाई देते हैं। उसी दौरान गुरुदत्त गर्ग और वरिष्ठ पत्रकार सतीश भूटानी ने तत्काल जिला उपायुक्त डॉ. जयेंद्र छिल्लर तथा पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए किसी अप्रिय घटना की आशंका भी जताई थी।
बयान के अनुसार, कार्यक्रम स्थल के बाहर संजीव राठौर के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धमकी दी गई। जब गुरुदत्त गर्ग ने इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग करने का प्रयास किया तो आरोप है कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें रिकॉर्डिंग से रोक दिया। आरोप यह भी है कि डीआईपीआरओ ने स्वयं कैमरे पर हाथ मारकर उसे गिराने और क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। इस दौरान गुरुदत्त गर्ग के साथ भी कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और भविष्य में परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। एसोसिएशन का कहना है कि इस घटनाक्रम का कुछ हिस्सा वीडियो में रिकॉर्ड है।
मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के अनुसार, घटना के तुरंत बाद जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी को पूरे मामले की जानकारी देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। इसके बाद 1 जुलाई 2026 को जिला सचिवालय, कुशलीपुर में जिला उपायुक्त को लिखित शिकायत भी सौंपी गई। साथ ही हरियाणा सरकार के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम को भी शिकायत की प्रति देकर निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
एसोसिएशन ने कहा कि घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद आरोपित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे पत्रकारों में असंतोष और असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा यदि आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि लोकतंत्र में पत्रकारों की स्वतंत्र और निर्भीक कार्यशैली की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी अधिकारी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर पत्रकारों के साथ अभद्रता, धमकी या बल प्रयोग किया जाता है तो ऐसे मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो इससे प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे और यह संदेश जाएगा कि ऐसे मामलों को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है।



