हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर पलवल में जिला कांग्रेस ने धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सामाजिक समानता और संविधान की भावना की बात उठाई।
पलवल (SHOYAB)14 अगस्त 2026। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी मामले के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी पलवल की ओर से अंबेडकर पार्क, सल्लागढ़ में धरना-प्रदर्शन किया गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे ने कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। इसके बाद 10 अगस्त को कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल पर शुद्धिकरण की रस्म की गई। मामले को लेकर कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए विरोध जताया है, जबकि बीजेपी की ओर से इस मामले में जांच की बात कही गई है।
अंबेडकर पार्क में धरना, फिर विरोध मार्च
पलवल में आयोजित धरने की अध्यक्षता कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने की। कांग्रेस कार्यकर्ता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और घटना के विरोध में अपनी नाराजगी जताई। धरने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर पार्क, सल्लागढ़ से अलीगढ़ चौक तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान सामाजिक समानता, संविधान और भेदभाव के खिलाफ नारे लगाए गए।
नेत्रपाल अधाना बोले- सामाजिक न्याय की भावना का सवाल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के वरिष्ठ नेता हैं और उनके साथ कथित तौर पर हुआ व्यवहार केवल एक व्यक्ति से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों में विश्वास करती है और जाति के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव का विरोध करती रहेगी।
करण सिंह दलाल ने भी साधा निशाना
पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभाव किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
हल्द्वानी मामले पर संसद में भी उठा मुद्दा
हल्द्वानी की घटना को लेकर विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे संसद तक पहुंच चुका है। रिपोर्टों के अनुसार, खड़गे ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया और घटना को लेकर अपनी आपत्ति जताई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। कांग्रेस ने इस मामले को सामाजिक भेदभाव से जोड़ते हुए देशभर में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। 14 अगस्त को विभिन्न जिलों में मार्च और सत्याग्रह की अपील किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
पलवल के प्रदर्शन में बृज भूषण, बदन सिंह, भूपेंद्र नौहवार, राहित खान, कुलदीप बैंसला, शुगर सिंह, इरफान खान, मनोज छांवड़ी, देवेंद्र शर्मा, विकेश खंडेलवाल, डॉ. वीरेंद्र अलावलपुर, जाहिद अजमत, विनोद बैंसला, वेदप्रकाश, संतराम मेघवाल, प्रिंस, अशोक मुनीरगढ़ी, नरेंद्र चेची, अनूप पाराशर, इंद्रजीत डगर, वीरेंद्र पोसवाल, अजीम खान, लक्ष्मी नारायण, अनुज तंवर और गौरव गोयल सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नोट: हल्द्वानी की घटना को लेकर ‘जातिगत भेदभाव’ का आरोप कांग्रेस और खड़गे की ओर से लगाया गया है; मामले में राजनीतिक विवाद जारी है और जांच की बात भी सामने आई है। इसलिए खबर में आरोपों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि कथित आरोप/कांग्रेस के दावे के रूप में रखा गया है।

