पलवल में सीवर, सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल 15वें दिन भी जारी रही। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने धरनास्थल पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और सरकार से बातचीत की मांग की।
पलवल (SHOYAB)। शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों का आंदोलन अब लंबा खिंचता जा रहा है। सीवर, सफाई और अग्निशमन विभाग से जुड़े कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 15वें दिन भी धरने पर बैठे रहे। पलवल के कमेटी चौक स्थित नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों ने प्रदर्शन जारी रखा, जबकि फायर स्टेशन के कर्मचारी भी धरने पर डटे रहे। इस बीच आंदोलन को जिला कांग्रेस कमेटी पलवल का समर्थन मिलने से मामला और राजनीतिक हो गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना पार्टी पदाधिकारियों के साथ धरनास्थल पहुंचे और कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से तत्काल बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की।
13 गांव जुड़ गए, लेकिन सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ी?
धरने को संबोधित करते हुए नेत्रपाल अधाना ने कहा कि पलवल नगर परिषद में 13 नए गांव शामिल होने के बावजूद सफाई कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं की गई है। उनके मुताबिक, इससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है और शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने और ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग का भी समर्थन किया। अधाना ने कहा कि शहर में जगह-जगह कचरा जमा होने से बरसात के मौसम में संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत कर मांगों का समाधान करने की अपील की।
कर्मचारियों ने सरकार पर लगाया समझौता लागू नहीं करने का आरोप
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जितेंद्र तेवतिया ने आरोप लगाया कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई सहमति के बावजूद मांगों को लागू करने के लिए जरूरी आदेश जारी नहीं किए गए हैं। कर्मचारी नेताओं की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों का नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करना, समान काम के लिए समान वेतन, खाली पदों पर स्थायी भर्ती और पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसी मांगें शामिल हैं। राज्य स्तर पर भी इन्हीं मुद्दों को लेकर अगस्त में कर्मचारियों का आंदोलन जारी है।
फायर कर्मचारियों की मांगों ने भी पकड़ा जोर
फायर ब्रिगेड कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान किशोर कुमार ने कहा कि अग्निशमन कर्मचारियों की सुरक्षा और सेवा संबंधी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने फरीदाबाद की कालका स्टील फैक्ट्री अग्निकांड में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए मुआवजा और सरकारी नौकरी सहित अन्य मांगों का मुद्दा उठाया। साथ ही कर्मचारियों के लिए जोखिम भत्ता, कैशलेस मेडिकल सुविधा और स्थायी भर्ती की मांग भी रखी।
वेतन बढ़ोतरी और भत्तों को लेकर भी नाराजगी
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से सफाई और सीवर कर्मचारियों के लिए घोषित वेतन बढ़ोतरी का लाभ अभी तक कर्मचारियों को नहीं मिला है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अशोक कुमार ने कहा कि कर्मचारियों को वर्दी और जूते से जुड़े भत्तों का भुगतान भी लंबे समय से नहीं हुआ है। राज्यभर में चल रहे आंदोलन में नियमितीकरण और ठेका व्यवस्था खत्म करने के अलावा न्यूनतम वेतन, ईएसआई-ईपीएफ, जोखिम एवं अन्य सेवा लाभों से जुड़ी मांगें भी उठाई जा रही हैं।
कांग्रेस ने विधानसभा में मुद्दा उठाने का दिया भरोसा
धरनास्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने कर्मचारियों को भरोसा दिया कि उनकी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष के माध्यम से इन मुद्दों को आगामी विधानसभा सत्र में उठाने की बात कही गई। उधर, कर्मचारी नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि अगर सरकार की ओर से जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और बड़ा किया जा सकता है। राज्य स्तर पर कर्मचारी संगठन पहले ही सरकार से बातचीत और लंबित मांगों पर लिखित कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
अब नजर सरकार के अगले कदम पर
पलवल में हड़ताल का 15वें दिन तक जारी रहना बताता है कि कर्मचारियों और सरकार के बीच गतिरोध अभी खत्म नहीं हुआ है। एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों पर लिखित कार्रवाई चाहते हैं, वहीं लंबे आंदोलन का सीधा असर शहर की सफाई और अन्य नागरिक सेवाओं पर पड़ने की चिंता भी बढ़ रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार कर्मचारी संगठनों को बातचीत की मेज पर बुलाकर रास्ता निकालती है या पलवल समेत प्रदेशभर में आंदोलन और लंबा चलेगा?
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