Palwal Cyber Crime Alert: पलवल पुलिस ने साइबर ठगी के नए तरीकों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। गैस कनेक्शन, फर्जी अपडेट लिंक, APK और निवेश के नाम पर हो रही ठगी से ऐसे बचें।
पलवल (SHOYAB) 08 SEP 2026 । साइबर ठग अब लोगों के बैंक खाते तक पहुंचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी गैस कनेक्शन कटने का डर दिखाया जा रहा है तो कभी मोबाइल अपडेट के नाम पर लिंक या APK फाइल भेजी जा रही है। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर भी लोगों को अपने जाल में फंसाया जा रहा है। पलवल में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, आईपीएस के मार्गदर्शन में साइबर अपराध थाना पलवल की ओर से विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करें।
पुलिस के अनुसार साइबर ठग गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग मैसेज भेजकर दावा करते हैं कि बिल जमा नहीं होने के कारण गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद मैसेज में दिए नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जाता है। बातचीत के दौरान ठग उपभोक्ता का नाम और कंज्यूमर नंबर जैसी जानकारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। इसके बाद गैस कंपनी के नाम पर फर्जी मोबाइल ऐप यानी APK फाइल डाउनलोड कराई जाती है। पुलिस ने लोगों को ऐसी फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी है। किसी अनजान स्रोत से APK इंस्टॉल करना मोबाइल और उसमें मौजूद निजी जानकारी के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
साइबर ठगी का एक और तरीका मोबाइल अपडेट से जुड़ा बताया गया है। ठग WhatsApp या SMS के जरिए अनजान लिंक अथवा APK फाइल भेजते हैं। लिंक खोलने पर मोबाइल स्क्रीन पर अपडेट से संबंधित संदेश दिखाई दे सकता है। ऐसे मामलों में यूजर को लगता है कि उसके फोन में अपडेट चल रहा है, जबकि वह साइबर ठगों के जाल में फंस सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अनजान लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध APK इंस्टॉल करने से बचना चाहिए।
Facebook, WhatsApp, Telegram और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी साइबर ठगों के निशाने पर हैं। लोगों को कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता है। I4C की एक आधिकारिक एडवाइजरी में भी सोशल मीडिया के जरिए फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाने, WhatsApp/Telegram ग्रुप में जोड़ने और फर्जी ऐप या वेबसाइट के माध्यम से पैसा जमा कराने के तरीकों को लेकर चेतावनी दी गई है। शुरुआत में ठग भरोसा कायम करने के लिए लाभ या भुगतान दिखा सकते हैं। लेकिन जब पीड़ित बड़ी रकम निवेश कर देता है तो आरोपी संपर्क बंद कर देते हैं और पैसा वापस मिलना मुश्किल हो जाता है।
इन गलतियों से बचना जरूरी
पलवल पुलिस ने नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
मोबाइल ऐप केवल आधिकारिक Google Play Store या Apple App Store से डाउनलोड करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर APK फाइल इंस्टॉल न करें।
अपना OTP, UPI PIN, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
सोशल मीडिया पर मिलने वाली निवेश योजनाओं में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी तरह जांच करें।
कम समय में बहुत ज्यादा मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें।
किसी कंपनी या विभाग के नाम पर फोन आने पर संबंधित संस्था के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें।
अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। I4C के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार 1930 पर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना दी जा सकती है और शिकायत National Cyber Crime Reporting Portal पर भी दर्ज की जा सकती है। I4C के पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबर, WhatsApp/Telegram नंबर, वेबसाइट URL, ई-मेल आईडी और सोशल मीडिया URL की रिपोर्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध है। पुलिस का साफ संदेश है कि साइबर ठगी के मामले में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए ठगी होने के बाद शर्म या डर के कारण चुप न रहें और तुरंत शिकायत करें।
पलवल पुलिस की अपील: सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है। किसी भी अनजान लिंक, APK, निवेश ऑफर या अचानक आए फोन पर जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।

