हरियाणा में लंबे समय से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच 16 मांगों पर सहमति बनी है। रिक्त पदों पर नियमित भर्ती का फैसला भी अहम है।
चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले कई हफ्तों से चल रहे सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सरकार और सफाई कर्मचारी नेताओं के बीच बातचीत के बाद हड़ताल खत्म करने पर सहमति बन गई है। कर्मचारी अब काम पर लौटेंगे जानकारी के मुताबिक, सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच कुल 16 मांगों पर सहमति बनी है। इनमें सबसे अहम मुद्दा कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और नियमित भर्ती से जुड़ा है। सरकार ने रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने पर सहमति जताई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रदेश के कई शहरों में लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित थी और जगह-जगह कचरे के ढेर लगने की खबरें सामने आ रही थीं। इससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हाल के दिनों में सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध बना हुआ था।
सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगों में नियमित रोजगार, सेवा सुरक्षा, वेतन एवं भत्तों से जुड़े मुद्दे और कर्मचारियों के हितों से संबंधित कई मांगें शामिल रही हैं। इससे पहले सरकार की ओर से कई मांगों को स्वीकार किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन कर्मचारी लिखित और ठोस समाधान की मांग पर आंदोलन जारी रखे हुए थे। सरकार ने इससे पहले पालिका रोल पर कार्यरत पात्र सफाई कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लाइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने की दिशा में भी फैसला किया था। इसमें 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा समेत कई सामाजिक सुरक्षा लाभों की बात सामने आई थी।
अब ताजा सहमति में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती को सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में माना जा रहा है। लंबे समय से सफाई कर्मचारी संगठनों की ओर से नियमित रोजगार की मांग उठाई जा रही थी। ThePrint की रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारी संगठन लंबे समय से नियमितीकरण और खाली पदों को भरने की मांग कर रहे थे। रिपोर्ट में कर्मचारी संगठन की ओर से प्रदेश में हजारों नियमित सफाई पद खाली होने का दावा भी किया गया था। हालांकि, कितने पदों पर और किस प्रक्रिया के तहत भर्ती होगी, इसकी विस्तृत जानकारी सरकार की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस और लिखित आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस पूरे समझौते की औपचारिक जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सफाई कर्मचारी नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और कृष्ण बेदी भी प्रेस वार्ता में मौजूद रहेंगे। प्रेस वार्ता में 16 मांगों पर बनी सहमति, नियमित भर्ती, कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और अन्य फैसलों की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 6 अगस्त से शुरू हुई थी और सितंबर में यह आंदोलन दूसरे महीने में पहुंच गया था। इस दौरान प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और कचरा उठाने को लेकर लोगों को परेशानी हुई। सरकार ने कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के निर्देश भी दिए थे और कुछ जगहों पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच बनी सहमति के बाद आंदोलन खत्म होने से शहरी सफाई व्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद है। फिलहाल सभी की नजर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है, जहां सरकार 16 मांगों पर हुए समझौते और नियमित भर्ती को लेकर आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी देगी।
नोट: 16 मांगों पर सहमति और हड़ताल खत्म होने की जानकारी आपके भेजे ताजा अपडेट पर आधारित है। उपलब्ध ऑनलाइन रिपोर्टों में इससे पहले तक हड़ताल जारी होने की जानकारी थी, इसलिए अंतिम सरकारी आदेश/प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आने वाली शर्तों को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए।

