आगरा के ताजमहल परिसर में UK की महिला पर्यटक सुसान पर बंदर ने हमला कर हाथ पर काट लिया। लगातार सामने आ रही बंदर के हमलों की घटनाओं से पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
आगरा (डेस्क) 15 SEP 26। दुनिया के सबसे चर्चित स्मारकों में शामिल ताजमहल में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला यूनाइटेड किंगडम से आई महिला पर्यटक सुसान से जुड़ा है, जिन पर ताजमहल परिसर में बंदर ने हमला कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह सुसान अपने दोस्तों के साथ ताजमहल परिसर में घूम रही थीं। इसी दौरान अचानक कुछ बंदर उनकी तरफ आए। खुद को बचाने के लिए जब वह वहां से भागने लगीं तो एक बंदर ने उन पर झपट्टा मार दिया और उनके दाहिने हाथ पर काट लिया।
बंदर के हमले के बाद महिला के चीखने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद पर्यटक मदद के लिए आगे आए। लोगों ने किसी तरह बंदर को वहां से भगाया और सुरक्षा कर्मियों को घटना की जानकारी दी। घायल महिला को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इस घटना ने एक बार फिर ताजमहल परिसर में बंदरों की मौजूदगी और उनसे पर्यटकों को होने वाले खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर हर दिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर के भीतर इस तरह की घटनाएं विदेशी पर्यटकों के बीच भी गलत संदेश दे सकती हैं।
यह पहली बार नहीं है जब ताजमहल देखने पहुंचे पर्यटक पर बंदर ने हमला किया हो। जुलाई 2026 में दक्षिण कोरिया की एक महिला पर्यटक पर भी बंदर ने हमला किया था। महिला के हाथ में गंभीर चोट आई थी और खून भी बहने लगा था। घटना के बाद आपातकालीन चिकित्सा सुविधा को लेकर भी सवाल उठे थे, क्योंकि एंबुलेंस पहुंचने में काफी समय लगने की बात सामने आई थी। इस घटना के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भी आपातकालीन व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों के सामने मामला उठाया था।
अगस्त के अंत में ताजमहल घूमने पहुंचे हरियाणा के एक परिवार के छह वर्षीय बच्चे अयांश पर भी बंदर ने हमला कर दिया था। बच्चे के हाथ में बंदर ने काट लिया था, जिसके बाद CISF जवानों की मदद से उसे जिला अस्पताल भेजा गया। रिपोर्ट के मुताबिक उसी दौरान ताजमहल परिसर में एक अन्य पर्यटक को भी बंदर ने काटा था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ताजमहल परिसर में बंदरों की समस्या को रोकने के लिए स्थायी इंतजाम कब किए जाएंगे।
ताजमहल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती सिर्फ बंदरों को परिसर से दूर रखने की नहीं है, बल्कि किसी पर्यटक के घायल होने की स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने की भी है। आधिकारिक ताजमहल वेबसाइट के मुताबिक परिसर में प्राथमिक उपचार की सुविधा और व्हीलचेयर जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन और आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी भी दी गई है। वहीं, जुलाई में दक्षिण कोरियाई पर्यटक के मामले में एंबुलेंस की देरी को लेकर सामने आई शिकायत ने आपातकालीन व्यवस्था पर पहले ही सवाल खड़े कर दिए थे।
लगातार हो रहे बंदर हमलों के बीच पर्यटक और स्थानीय लोग ASI प्रशासन से बंदरों की समस्या पर प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ताजमहल आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा केवल स्मारक की सुरक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि परिसर में मौजूद ऐसे जानवरों से होने वाले खतरे से बचाव भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। फिलहाल UK की पर्यटक सुसान के साथ हुई ताजा घटना ने एक बार फिर वही सवाल खड़ा कर दिया है—अगर ताजमहल में आने वाले विदेशी और देशी पर्यटक सुरक्षित नहीं हैं, तो इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा?

