उत्तर प्रदेश सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों की चिकित्सा सुविधा के लिए ₹42 लाख मंजूर किए हैं। मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने हरियाणा में घोषित पत्रकार कैशलेस उपचार योजना जल्द लागू करने की मांग की।
चंडीगढ़ (DESK) 16 SEP 26 : पत्रकारों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा की योजनाएं चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में पत्रकार कल्याण कोष के तहत ₹42 लाख की वित्तीय स्वीकृति दी है। इस कदम का मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन (MWB) ने स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने हरियाणा सरकार से भी प्रदेश के पत्रकारों के लिए पहले घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा को जल्द लागू करने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे पत्रकारों और उनके आश्रित परिवारों को इलाज के समय आर्थिक सहारा मिल सकेगा।
एसोसिएशन की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद की ओर से जारी आदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पत्रकार कल्याण कोष से ₹42 लाख की मंजूरी दी गई है। यह राशि मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। प्रेस नोट के अनुसार, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को राशि का नियमानुसार उपयोग करने और निर्धारित वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
धरणी ने कहा कि हरियाणा में पत्रकारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 16 नवंबर 2024 को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर पत्रकारों के लिए सरकारी कर्मचारियों जैसी कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने की घोषणा की थी। हालांकि, 3 सितंबर 2026 को प्रकाशित द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकारों के लिए यह सुविधा उस समय तक लागू नहीं हुई थी। रिपोर्ट में हरियाणा यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन कथूरिया ने भी योजना के क्रियान्वयन में देरी का मुद्दा उठाया था। धरणी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि योजना को जमीन पर उतारने के लिए जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि पत्रकारों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरत के समय इसका लाभ मिल सके।
धरणी ने कहा कि पत्रकार दिन-रात काम करते हुए समाज तक सूचनाएं पहुंचाते हैं। ऐसे में पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होना कल्याण का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में चिकित्सा सहायता के लिए राशि मंजूर होना पत्रकारों की स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हरियाणा में भी पहले घोषित कैशलेस उपचार योजना को जल्द लागू किया जाएगा।
MWB अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दोबारा अपील करते हुए कहा कि पत्रकारों के लिए घोषित कैशलेस उपचार सुविधा को शीघ्र लागू किया जाए। उनका कहना है कि इससे पत्रकार समुदाय को इलाज के खर्च को लेकर राहत मिल सकती है। फिलहाल हरियाणा में योजना के लागू होने की समय-सीमा को लेकर कोई नई आधिकारिक घोषणा इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पत्रकारों को इस सुविधा के वास्तविक क्रियान्वयन और पात्रता संबंधी दिशा-निर्देशों का इंतजार रहेगा।

