पलवल में जलभराव और फसल नुकसान को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने स्पेशल गिरदावरी, ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजा, जल निकासी और गौछी ड्रेन से रोक हटाने की मांग की।
पलवल (SHOYAB) 16 सितंबर। पलवल जिले के कई गांवों में जलभराव और फसल नुकसान का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। संयुक्त किसान मोर्चा पलवल के नेताओं और गांवों के गणमान्य लोगों ने उपायुक्त जयेंद्र सिंह छिल्लर से मुलाकात कर प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था कराने और किसानों को मुआवजा देने की मांग की। किसान प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि जलभराव के कारण कई गांवों में हजारों एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी फसलें नष्ट हुई हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, घुघेरा, अलिका, यादूपुर, महेशपुर, धतीर, ककराली, कारना, लालवा, किशोरपुर, बंचारी, फिरोजपुर राजपूत, गहलब, रीनडका, मठेपुर, सिंघावली, छायंसा, दुरेची, मीरपुर और पातली समेत कई गांवों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी भारी बारिश और जलभराव से जिले में बड़े पैमाने पर फसलें खराब हुई थीं। उनके अनुसार, उस समय हरियाणा सरकार ने ₹15,000 प्रति एकड़ मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन नुकसान का आकलन कम दिखाए जाने के कारण अनेक प्रभावित किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला। यह आरोप किसान मोर्चा की ओर से लगाए गए हैं।
किसान प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि प्रभावित गांवों में स्पेशल गिरदावरी कराई जाए और फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को ₹50,000 प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही किसानों ने सभी प्रभावित गांवों में जल्द जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग रखी। ज्ञापन में अलिका और रजौलाका के बीच गौछी ड्रेन से रोक हटाने की मांग भी शामिल रही।
किसान नेताओं ने उपायुक्त के सामने पलवल शुगर मिल को 25 अक्टूबर तक चालू कराने की मांग भी रखी। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने जल निकासी के मुद्दे पर सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता से भी मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, धर्मचंद घुघेरा, उदय सिंह सरपंच, रूपराम तेवतिया, दरयाब सिंह, डॉ. रघुवीर सिंह, राजकुमार ओलियान, शादी राम ओलिहान, समय राम कुंडू, मास्टर पदम सिंह, नेम चन्द शर्मा, मनोज नम्बरदार और रविदत्त शर्मा सहित अन्य लोग शामिल रहे।
नोट: फसल नुकसान, मुआवजे और प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित विवरण संयुक्त किसान मोर्चा पलवल की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। मुआवजे की मांग को स्वीकृत सरकारी घोषणा न समझें।

