चंडीगढ़, (संजीव राठौर) 28 मई 2026 | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी आईटीआई की वर्कशॉप को आधुनिक बनाया जाए और उनमें वर्तमान जरूरतों के अनुसार उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि आईटीआई के कोर्स और पढ़ाई को उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को कोर्स पूरा होते ही रोजगार मिल सके।
मुख्यमंत्री हरियाणा विजन-2047 के तहत युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग की आगामी 5 वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जाए और युवाओं के आइडियाज को स्टार्टअप में बदलने के लिए सहायता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के शिक्षकों की समय-समय पर ट्रेनिंग करवाई जाए और उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाया जाए, ताकि वे विद्यार्थियों को आधुनिक जरूरतों के अनुसार तैयार कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ उद्योगों की जरूरतें बदल गई हैं, लेकिन प्रशिक्षण संस्थान अभी भी पुरानी पद्धति से पढ़ाई करवा रहे हैं। इसी वजह से युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाता और उद्योगों को कुशल श्रमिकों की कमी रहती है। इस अंतर को खत्म करने के लिए वर्कशॉप और कोर्स को पूरी तरह मॉडर्न करना जरूरी है। विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि आईटीआई वर्कशॉप को मॉडर्न करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है और ले चरण में 10 करोड़ रुपये के उपकरणों की खरीद के ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि उद्योगों के साथ एमओयू साइन कर युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाए और अगली बैठक में इसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके अलावा शिक्षकों को उद्योगों में भेजकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव दिलाने और विशेषज्ञों को संस्थानों में बुलाकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कराने के निर्देश भी दिए गए।
सरकार द्वारा विदेश रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। करनाल और पंचकूला सहित चार जिलों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक रोजगार मेले आयोजित करने और रोजगार पाने वाले युवाओं की ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

