Faridabad 18 June 2026 |फरीदाबाद में कारोबारियों से रंगदारी मांगने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि इस पूरे नेटवर्क में खुफिया एजेंसी से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है। यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।शहर के कई व्यापारियों को गैंगस्टर के नाम पर कॉल कर पैसों की मांग की गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी पहलुओं को खंगाला गया।
जांच के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को हिरासत में लिया गया है। उस पर आरोप है कि उसने गलत तत्वों से संपर्क रखा। हालांकि, महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत न मिलने से जांच और जटिल हो गई है। वहीं, एक अन्य संदिग्ध अधिकारी की तलाश जारी है, जिस पर निजी जानकारी लीक करने का शक है।

मामले में एक स्थानीय कारोबारी का नाम भी सामने आया है, जिस पर आरोप है कि उसने संवेदनशील जानकारी आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में अदालत से जमानत मिल गई।पीड़ित व्यापारियों का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई और सभी आरोपियों की गहन जांच की मांग की है।
पुलिस और अन्य एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं। कॉल रिकॉर्ड, ऑडियो सैंपल और पुराने मामलों को भी खंगाला जा रहा है ताकि साजिश की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
फरीदाबाद में पिछले दो महीनों से उद्योगपतियों और बिल्डरों को मिल रही रंगदारी की धमकियों के मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का सब-इंस्पेक्टर सिकंदर भी शामिल है, जो वर्तमान में दिल्ली में तैनात था।
पुलिस के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई और भाऊ गैंग के नाम पर शहर के बड़े कारोबारियों को लगातार फोन कर रंगदारी मांगी जा रही थी।
करीब 13 उद्योगपतियों और बिल्डरों को डेढ़ महीने के भीतर धमकी भरे कॉल किए गए, जिसके बाद मामला गंभीर होता गया और पुलिस ने विशेष जांच शुरू की।
जांच में खुलासा हुआ कि सब-इंस्पेक्टर सिकंदर, जो फरीदाबाद के मोटूका गांव का रहने वाला है, इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहा था।
आरोप है कि उसे स्थानीय स्तर पर दीपक गोयल नामक व्यक्ति द्वारा कारोबारियों के निजी नंबर उपलब्ध कराए जाते थे, जिन्हें आगे गैंगस्टरों तक पहुंचाया जाता था।
जब क्राइम ब्रांच की टीम दीपक गोयल को पकड़ने उसके घर पहुंची, तो उसने बचने के लिए छत से छलांग लगा दी, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। इसके बावजूद पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के मुताबिक, दोनों आरोपियों को 13 जून को गिरफ्तार किया गया था।
- दो दिन के पुलिस रिमांड के बाद
- कोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर सिकंदर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया
- जबकि दीपक गोयल को जमानत मिल गई
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में अभी और खुलासे हो सकते हैं। कॉल रिकॉर्ड, नेटवर्क कनेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी है।
संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी जल्द हो सकती है।
