जयपुर के पृथ्वीराज नगर स्थित अनुपम विहार कॉलोनी में पार्क और मंदिर की जमीन पर अवैध प्लॉट काटने का आरोप। जेडीए और सोसाइटी की मिलीभगत पर उठे सवाल, मामला कोर्ट में।
Jaipur ( Raghu Gour) 29 June 2026 |जयपुर में एक चौंकाने वाला जमीन घोटाला सामने आया है, जहां सालों से खाली पड़ी जमीन जो पार्क और सार्वजनिक सुविधा क्षेत्र के लिए आरक्षित थी उसे अब टुकड़ों में बांटकर कथित रूप से पट्टे जारी किए जा रहे हैं। यह आरोप किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद पृथ्वीराज नगर के पाच्यावाला स्थित करनी पैलेस के पास अनुपम विहार कॉलोनी के स्थानीय निवासियों ने लगाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना प्रशासन की मिलीभगत के इस तरह का काम संभव नहीं है। उनका आरोप है कि जेडीए (जयपुर विकास प्राधिकरण) की अनदेखी का फायदा उठाकर खुले मैदानों को धीरे-धीरे भूखंडों में बदला गया और अब वहां निर्माण की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
कॉलोनीवासियों के अनुसार, जिस जमीन पर पिछले करीब 30 सालों से धार्मिक आयोजन जैसे कलश यात्रा और पूजन होते आ रहे हैं, उसी जमीन को अब कथित रूप से भू-माफिया द्वारा कब्जे में लेने की कोशिश की जा रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मंदिर की जमीन तक को नहीं छोड़ा गया।
जानकारी के मुताबिक, अनुपम विहार कॉलोनी में पहले भूखंडों को स्वीकृति दी गई और बाद में रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर कर दी गई। इतना ही नहीं, भूखंडों के नंबर तक बदल दिए गए। जबकि गृह निर्माण सोसाइटी के लेआउट प्लान में भूखंड संख्या 50 पर स्पष्ट रूप से मंदिर दर्शाया गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से खाली पड़ी इस जमीन को अब प्लॉट में बदलकर बेचा जा चुका है और वहां निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए पत्थर तक डाल दिए गए हैं। जबकि यह मामला फिलहाल सेशन कोर्ट में विचाराधीन है।
लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन उनका कहना है कि उनकी आवाज प्रशासन तक नहीं पहुंच रही है या फिर जानबूझकर अनसुनी की जा रही है।

बड़ा सवाल
- जब पार्क ही खत्म हो जाएंगे, तो बच्चों के खेलने की जगह कहां होगी?
- जब सुविधा क्षेत्र पर कब्जा हो जाएगा, तो आम जनता को मूल सुविधाएं कौन देगा?
- क्या यह सिर्फ लापरवाही है या इसके पीछे कोई बड़ा खेल छिपा है?
मामले में कॉलोनी के निवासियों और व्यापार मंडल से जुड़े लोगों ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, बल्कि पूरे शहर के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद मौके पर निर्माण की कोशिशें जारी हैं, जो कई सवाल खड़े करती हैं।
यह मामला सिर्फ एक कॉलोनी का नहीं, बल्कि शहरी विकास और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं।
