पलवल में जिला कांग्रेस कमेटी ने दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, छात्रों पर दर्ज मामलों की वापसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई।

पलवल (SHOYAB) दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी, पलवल ने जिला सचिवालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष एडवोकेट नेत्रपाल अधाना के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नेत्रपाल अधाना ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से छात्र पहले ही परेशान हैं। ऐसे समय में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिया गया। साथ ही हरियाणा में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की भी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
कांग्रेस ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें।
2. परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा कराई जाए
3. नई दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेकर उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई समाप्त की जाए।
प्रदर्शन में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान, पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक करण सिंह दलाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट नेत्रपाल अधाना, सविता कुंडू, मोहम्मद बिलाल, साजिद अजमत सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हालांकि, इन मांगों और आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
