संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पलवल के किसान नेताओं ने फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध जताया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

पलवल/फरीदाबाद(SHOYAB) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के देशव्यापी आह्वान पर मंगलवार को पलवल जिले के किसान नेताओं ने भारत-अमेरिका के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में फरीदाबाद पहुंचकर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री एवं सांसद कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपते हुए केंद्र सरकार से प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग की। यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा देशभर में आयोजित विरोध कार्यक्रमों का हिस्सा बताया गया प्रदर्शन में पलवल से मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, रूपराम तेवतिया, उदय सिंह सरपंच, ताराचंद प्रधान, दरयाब सिंह सौरोत, चरणजीत डागर, श्याम दत्त शर्मा नंबरदार, रमेश सौरोत, रामवीर चौहान, करण सिंह आर्य, समयराम कुंडू, महाराम रावत एडवोकेट, जगदीश आर्य, मेवाराम चौहान, चेतन प्रकाश शर्मा और खुर्शीद अहमद सहित अनेक किसान नेता शामिल हुए।
किसान नेताओं का कहना था कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय कृषि, डेयरी क्षेत्र तथा लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों (MSME) पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उनका दावा है कि अमेरिका में किसानों को बड़े पैमाने पर सब्सिडी और संसाधन उपलब्ध हैं, जबकि भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं। ऐसे में दोनों देशों के किसानों के बीच प्रतिस्पर्धा भारतीय किसानों के हित में नहीं होगी। ये तर्क संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा हाल के दिनों में सार्वजनिक रूप से भी उठाए गए हैं। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले किसानों, कृषि विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा की जाए, ताकि कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का समुचित आकलन किया जा सके।
किसान नेताओं ने हाल ही में दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की और कहा कि छात्रों व युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने 22 जुलाई को देशभर में प्रस्तावित व्यापार समझौतों के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित व्यापार समझौते और किसान संगठनों द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर अलग-अलग स्तर पर चर्चा जारी है।
