CJP Protest के बीच नया विवाद सामने आया है। निहंगों को धरने से अलग बताने वाले बयान पर सिख संगठनों में नाराजगी है। अभिजीत दीपके को 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया गया है। जानिए पूरा मामला।

नई दिल्ली (desk)। जंतर-मंतर पर चल रहे CJP आंदोलन के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आंदोलन के दौरान निहंगों की भूमिका को लेकर दिए गए कथित बयान के बाद सिख समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों और निहंग संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। विवाद बढ़ने के बाद अभिजीत दीपके को 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की चेतावनी दी गई है। चेतावनी देने वालों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में माफी नहीं मांगी गई तो वे आंदोलन स्थल पर पहुंचकर जवाब मांगेंगे। बताया जा रहा है कि विवाद उस बयान के बाद शुरू हुआ जिसमें निहंगों को आंदोलन से अलग बताए जाने की बात कही गई। इस पर कई लोगों ने इसे निहंग समुदाय का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
विरोध जताने वाले पक्ष का कहना है कि निहंगों ने आंदोलन के दौरान सहयोग और समर्थन दिया था, इसलिए उन्हें अलग बताना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की है कि अभिजीत दीपके सार्वजनिक मंच से अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें और माफी मांगें, ताकि विवाद आगे न बढ़े। हालांकि, इस विवाद पर अभिजीत दीपके या CJP की ओर से आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों के बाद दीपके अपने घायल समर्थकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं और आंदोलन जारी रखने की बात भी कह चुके हैं।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि 24 घंटे की समय-सीमा के भीतर अभिजीत दीपके की ओर से कोई नया बयान या स्पष्टीकरण आता है या नहीं। यदि ऐसा नहीं होता है तो आंदोलन स्थल पर विवाद और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
नोट: यह खबर उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों और सामने आए दावों के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान आने पर स्थिति में बदलाव संभव है।
