पलवल में जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विजय मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने इसे युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग दोहराई।

पलवल (SHOYAB) 25 जुलाई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जिला कांग्रेस कमेटी, पलवल ने शनिवार शाम विजय मार्च निकालकर इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। यह मार्च कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना के नेतृत्व में पुराना सोहना मोड़ से शुरू होकर मिनार गेट स्थित महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा तक निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विजय मार्च को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आई परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग दोहराई।
नेत्रपाल अधाना ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद से लेकर सड़क तक छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के मुद्दे लगातार उठाए। उनके अनुसार युवाओं के हितों को लेकर बने जनदबाव का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगे भी छात्रों और युवाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। मार्च में पूर्व कैबिनेट मंत्री करण सिंह दलाल, देवेश, सविता कुंडू, संतराम मेघवाल, रमेश खटाना, असगर हुसैन, देवेंद्र शर्मा, विकेश खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आया है। इस्तीफे के बाद विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे युवाओं के दबाव और लोकतांत्रिक आंदोलन की सफलता के रूप में पेश कर रही है।
