हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुनानगर में ‘नशे से जंग, यमुनानगर के संग’ अभियान के तहत मैराथन को हरी झंडी दिखाई। एक लाख से अधिक विद्यार्थियों, युवाओं और नागरिकों ने नशा मुक्त हरियाणा का संकल्प लेते हुए मैराथन में भाग लिया।

यमुनानगर (DESK)। हरियाणा सरकार के नशा मुक्त अभियान को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को जगाधरी में आयोजित ‘नशे से जंग, यमुनानगर के संग’ मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों, सरकारी कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों ने भाग लेकर नशा मुक्त समाज का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं और उनकी ऊर्जा सही दिशा में लगे, इसके लिए नशे जैसी बुराइयों से दूर रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के साथ नियमित समय बिताएं, उनकी समस्याएं सुनें और खुलकर संवाद करें। कई बार अकेलापन और संवाद की कमी युवाओं को गलत रास्ते की ओर ले जाती है, इसलिए परिवार का साथ सबसे बड़ी ताकत है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि योग को वैश्विक पहचान दिलाने में भारत की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया है और युवाओं को योग व खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों के अनुसार एक लाख से अधिक स्कूली विद्यार्थियों, कॉलेज छात्रों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने मैराथन में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने मंच से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन पर पुष्प वर्षा कर अभियान का शुभारंभ किया। हरियाणा सरकार का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज में नशा मुक्त वातावरण तैयार करना है। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के जरिए ही इस अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है।
