पलवल में शहीद लांस नायक दिनेश कुमार के परिवार ने 15 अगस्त को प्रशासन की ओर से दिया जा रहा सम्मान सामग्री लेने से इनकार कर दिया। परिवार ने गांव का नाम शहीद के नाम पर रखने की मांग उठाई।
पलवल(SHOYAB)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शहीद लांस नायक दिनेश कुमार के परिवार और प्रशासन के बीच उस समय स्थिति असहज हो गई, जब सम्मान के तौर पर सामान लेकर पहुंचे अधिकारियों को परिवार ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से गांव का नाम शहीद के नाम पर रखने की घोषणा किए करीब डेढ़ साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक घोषणा जमीन पर लागू नहीं हुई। परिवार के मुताबिक, 15 अगस्त को प्रशासन के अधिकारी शहीद के घर सम्मान स्वरूप सामान लेकर पहुंचे थे। परिवार ने सामान लेने से मना करते हुए कहा कि उनके लिए शहीद का सम्मान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं होना चाहिए।
‘पहले गांव का नाम बदलें, फिर सम्मान स्वीकार करेंगे’
शहीद के परिवार का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से वे लगातार गांव का नाम बदलने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। परिवार का दावा है कि पिछले करीब एक साल से वे इस मामले को लेकर जिला प्रशासन के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई ठोस परिणाम नहीं मिला।
परिवार ने प्रशासन के सामने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक गांव का नाम लांस नायक दिनेश कुमार के नाम पर नहीं बदला जाता, तब तक वे प्रशासन की ओर से दिया जाने वाला सम्मान सामग्री स्वीकार नहीं करेंगे।
परिवार बोला- घोषणा को जमीन पर उतारना जरूरी
परिवार का कहना है कि शहीद का सम्मान सिर्फ किसी खास दिन सामान या अन्य सामग्री देने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार द्वारा की गई घोषणा को अमल में लाकर गांव को शहीद के नाम से स्थायी पहचान देना ही उनके लिए वास्तविक सम्मान होगा। परिवार ने यह भी कहा कि लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद मांग पूरी नहीं होने से वे निराश और परेशान हैं।
अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी नहीं होने का परिवार का दावा अब एक बार फिर सामने आया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सम्मान सामग्री लौटाए जाने के बाद मामले ने फिर से ध्यान खींचा है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस मांग पर क्या कदम उठाती है और गांव का नाम शहीद लांस नायक दिनेश कुमार के नाम पर रखने की प्रक्रिया कब तक पूरी होती है।
नोट: परिवार द्वारा लगाए गए आरोप और मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज/वर्तमान नाम परिवर्तन की स्थिति को प्रशासनिक रिकॉर्ड से सत्यापित किया जाना बाकी है। इसलिए खबर में इन्हें परिवार के दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

