पलवल के सल्लागढ़ में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की मूर्ति स्थापना कार्यक्रम आयोजित हुआ। नगर परिषद चेयरमैन डॉ. यशपाल ने मुख्य यजमान के रूप में पूजा-अर्चना कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
पलवल (SHOYAB )16 अगस्त 2026। अलीगढ़ रोड स्थित सल्लागढ़ में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की मूर्ति स्थापना के अवसर पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर परिषद पलवल के चेयरमैन डॉ. यशपाल मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर मूर्ति स्थापना में सहभागिता की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर डॉ. यशपाल ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
समानता और भाईचारे का दिया संदेश
डॉ. यशपाल ने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज को भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर प्रेम, सद्भाव और समानता के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों को जीवन में अपनाकर सामाजिक भाईचारे और समरसता को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के माध्यम से संत-महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
गुरु रविदास की विरासत को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के काम गिनाए
डॉ. यशपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संत रविदास जी की विरासत और उनके अनुयायियों के सम्मान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने गुरु रविदास जी से जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास और उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद के रसूलपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का नाम गुरु रविदास जी के नाम पर रखने का निर्णय उनके व्यक्तित्व और सामाजिक संदेश के प्रति सम्मान का प्रतीक है। वहीं, उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भी संत-महापुरुषों की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार, कुरुक्षेत्र के उमरी में करीब पांच एकड़ भूमि पर ₹124 करोड़ की लागत से गुरु रविदास धाम का निर्माण किया जा रहा है।
बेगमपुरा की कल्पना को बताया समानता का प्रतीक
डॉ. यशपाल ने कहा कि गुरु रविदास जी की कल्पना का बेगमपुरा समानता, सम्मान, न्याय और भयमुक्त समाज का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और अंत्योदय की भावना के माध्यम से इसी विचार को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर निकाली जा रही पवित्र कलश वंदन यात्रा का भी उल्लेख किया और कहा कि इस तरह के आयोजन संत रविदास जी के विचारों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
धार्मिक आयोजन से समाज में एकता का संदेश
डॉ. यशपाल ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आस्था से जुड़े कार्यक्रम समाज में एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने पलवल की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा संत-महापुरुषों के विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत रविदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में भाईचारा, समानता और सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लिया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व सरपंच नारायण सिंह, पूर्व सरपंच रघुबीर सिंह, पूर्व प्रधान कालूराम, संत रविदास समिति के अध्यक्ष चंदन सिंह, प्रेम सिंह, जयचंद, जीवनलाल, रामफल, सहजराम, विनोद कुमार, राकेश इंदौरिया, बोहरी, हेतराम, किसन सिंह, सुरेश आनंद, बालकिशन, हेम चंद, सुरेश घोड़ी वाले, विनोद इंदौरिया, अतुल दयाल, संजीव कुमार और राजू आजाद सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

