हरियाणा सरकार ने 10 लाख एकड़ भूमि सुधारने के लिए 25 हजार टन जिप्सम खरीदने को मंजूरी दी है। किसानों को जिप्सम 50 प्रतिशत सब्सिडी पर मिलेगा। कैथल में 21,680 MT क्षमता का गोदाम और क्वालिटी कंट्रोल लैब भी बनेगी।
चंडीगढ़ (SHOYAB)18 अगस्त 2026। हरियाणा के किसानों के लिए सरकार ने भूमि सुधार से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में प्रदेश की करीब 10 लाख एकड़ भूमि को सुधारने के लिए 25 हजार टन जिप्सम खरीदने को मंजूरी दी गई है। सरकार के अनुसार इस खरीद पर करीब 15.63 करोड़ रुपये खर्च होंगे। खास बात यह है कि किसानों को भूमि सुधार के लिए जिप्सम 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाएगा।
किसानों को आधी कीमत पर मिलेगा जिप्सम
हरियाणा भूमि सुधार निगम के माध्यम से किसानों को जिप्सम उपलब्ध कराया जाता है। सरकार का उद्देश्य किसानों को पर्याप्त मात्रा में अच्छी गुणवत्ता का जिप्सम उपलब्ध कराना है, ताकि खराब या सुधार की जरूरत वाली जमीन की उत्पादकता बढ़ाई जा सके।
सरकार का मानना है कि भूमि सुधार के बाद कृषि योग्य जमीन की क्षमता बेहतर होगी और किसानों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
कैथल में बनेगा बड़ा गोदाम
जिप्सम के भंडारण और गुणवत्ता की निगरानी के लिए कैथल के हैफेड कॉम्प्लेक्स में 21,680 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम बनाया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 9.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही वहां क्वालिटी कंट्रोल लैब बनाने को भी मंजूरी दी गई है। इससे जिप्सम की गुणवत्ता की जांच और भंडारण व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
समय से पहले काम पूरा करने पर मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में सरकारी निर्माण एवं विकास कार्यों को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो काम निर्धारित समयसीमा से पहले पूरा किए जाएंगे, उन्हें सरकार की योजना के अनुसार प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसका मकसद परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबा खिंचने से रोकना और निर्धारित समय से पहले काम पूरा करने को बढ़ावा देना है।
पानीपत के 9 गांवों के लिए 75.50 करोड़ की पेयजल योजनाएं
बैठक में पानीपत जिले के भैंसवाल, कुतानी, राजाखेड़ी, निम्बरी, उग्राखेड़ी, रिसालू, नांगलखेड़ी, काबड़ी, गढ़ी और सिकंदरपुर गांवों के लिए महाग्राम योजना के तहत पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन योजनाओं पर करीब 75.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।इसके अलावा गोहाना शहर के शनि मंदिर और एमपीएस गुढ़ा क्षेत्र में सीवरेज लाइन के लिए 16.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
पिंजौर-कालका में न्यायिक परिसर, अंबाला में नया काम
सरकार ने पिंजौर-कालका सेक्टर-27 में न्यायिक परिसर के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 22.70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं अंबाला शहर के लघु सचिवालय में प्रशासनिक ब्लॉक के तीसरे चरण के काम के लिए 34 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अंबाला कैंट में बैंक स्क्वेयर भवन फेज-1 के निर्माण के लिए भी 52 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सफीदों में बनेगा राजकीय नर्सिंग कॉलेज
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी बैठक के दौरान अहम फैसला हुआ। सफीदों में राजकीय नर्सिंग कॉलेज बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 37.49 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं नारनौल के अस्पताल को अपग्रेड कर उसकी क्षमता 100 से बढ़ाकर 200 बेड करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इस पर करीब 26.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यमुनानगर में 50 बेड का आयुष अस्पताल बनाने के लिए 16.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई
पंचकूला और फतेहाबाद में बनेंगी जिला जेल
बैठक में पंचकूला के गांव जलोली में जिला जेल बनाने की परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही फतेहाबाद में जिला जेल बनाने के लिए करीब 37 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में सड़कों के अपग्रेड और सुदृढ़ीकरण के लिए भी 16.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
कुंडली-मानेसर मार्ग की होगी मरम्मत
कुंडली-मानेसर सड़क सेक्शन के करीब 83 किलोमीटर मार्ग के मरम्मत और रखरखाव के लिए 65.66 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।इसके अलावा जुलाना शहर में जलापूर्ति व्यवस्था के लिए 21.17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कुरुक्षेत्र-सहारनपुर हाईवे को फोरलेन करने की तैयारी
सरकार ने कुरुक्षेत्र-सहारनपुर स्टेट हाईवे के एक हिस्से के काम को भी मंजूरी दी है। करीब 10 मीटर चौड़ी सड़क पर लगभग 26.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार इस मार्ग को आगे चलकर फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। डीपीआर पूरी होने के बाद सड़क को चार लेन में विकसित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई होगी।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, ए.के. सिंह, विजयेंद्र कुमार, अनुराग अग्रवाल, जीएमडीए के मुख्य सलाहकार डी.एस. ढेसी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

