हरियाणा के तावडू में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए उत्तरी हिस्से में नया बाईपास प्रस्तावित है। भिवाड़ी मोड़ से पलवल तक सड़क को 4 लेन करने की योजना के साथ होडल-नूंह-बिलासपुर और पटौदी मार्ग को भी फोरलेन करने की तैयारी है।
नूंह/तावडू (SHOYAB)। तावडू शहर में बढ़ते यातायात दबाव और बार-बार लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए सड़क नेटवर्क को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी है। सरकार की योजना में तावडू के उत्तरी हिस्से में नया बाईपास बनाने के साथ-साथ भिवाड़ी मोड़ से पलवल तक सड़क को 4 लेन में विकसित करना शामिल है। इस प्रस्ताव को लेकर केंद्रीय स्तर पर एलाइनमेंट की समीक्षा चल रही है। परियोजना आगे बढ़ने पर तावडू शहर के भीतर भारी यातायात का दबाव कम होने और पलवल-भिवाड़ी के बीच आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
तावडू में क्यों पड़ी नए बाईपास की जरूरत?
तावडू के दक्षिणी हिस्से में करीब 3.80 किलोमीटर लंबा बाईपास पहले से मौजूद है। लेकिन समय के साथ इसके आसपास काफी विकास होने से यह क्षेत्र शहर के अंदरूनी हिस्से से जुड़ गया है। नतीजा यह हुआ कि जिस रास्ते से शहर का ट्रैफिक बाहर निकलना था, वहां भी वाहनों का दबाव बढ़ने लगा। इसी समस्या को देखते हुए अब शहर के उत्तरी हिस्से में नया बाईपास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे भिवाड़ी मोड़ से पलवल तक सड़क को फोरलेन करने की योजना के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
भिवाड़ी मोड़ से पलवल तक सड़क होगी 4 लेन
प्रस्तावित योजना में भिवाड़ी मोड़ से पलवल तक सड़क को चार लेन करने की बात है। इसके एलाइनमेंट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के स्तर पर चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मार्ग का सर्वे, फिजिबिलिटी स्टडी और एलाइनमेंट रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है और रिपोर्ट मंजूरी के लिए मंत्रालय को भेजी गई है। एलाइनमेंट को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद आगे भूमि अधिग्रहण जैसी प्रक्रियाएं शुरू होंगी।
होडल से नूंह होते हुए बिलासपुर तक फोरलेन की तैयारी
सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की योजना केवल तावडू-पलवल तक सीमित नहीं है। होडल से नूंह होते हुए बिलासपुर चौक तक करीब 71 किलोमीटर लंबे मार्ग को भी चार लेन बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इस पहले चरण के लिए 616.01 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। परियोजना के लिए करीब 80 हेक्टेयर भूमि की जरूरत बताई गई है। वन विभाग से संबंधित मंजूरी और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से ऋण स्वीकृति के बाद टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
बिलासपुर से पटौदी होते हुए कुलाना तक भी फोरलेन
इस सड़क परियोजना का दूसरा हिस्सा बिलासपुर चौक से कुलाना वाया पटौदी तक प्रस्तावित है। यह हिस्सा करीब 25 किलोमीटर का है। इसके लिए 476.07 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। इस हिस्से के लिए लगभग 27 हेक्टेयर भूमि की जरूरत बताई गई है और प्रस्ताव स्थायी वित्त समिति के स्तर पर विचाराधीन है। जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
जाम कम होने के साथ कनेक्टिविटी को भी फायदा
इन परियोजनाओं का असर केवल तावडू के ट्रैफिक पर ही नहीं पड़ेगा। अगर प्रस्तावित बाईपास और फोरलेन परियोजनाएं तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो पलवल, तावडू, नूंह, पटौदी और भिवाड़ी क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क और बेहतर हो सकता है।
फिलहाल सबसे अहम पड़ाव एलाइनमेंट, भूमि और संबंधित विभागों की मंजूरियां हैं। इसके बाद ही निर्माण कार्य की वास्तविक समयसीमा स्पष्ट हो पाएगी।
यानी फिलहाल यह परियोजना घोषणा और स्वीकृति के अलग-अलग चरणों में है, लेकिन दक्षिण हरियाणा के सड़क नेटवर्क के लिए इसका प्लान काफी बड़ा माना जा रहा है।

