हरियाणा सरकार ने बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 26,161 ट्रांसफॉर्मर खरीदने को मंजूरी दी है। लाइनमैन व सहायक लाइनमैनों के लिए 5,000 से 7,500 टीएंडपी सुरक्षा किट और 81 करोड़ रुपये के GIS-बे कार्यों को भी हरी झंडी मिली।
नई दिल्ली (SHOYAB) 17 अगस्त 2026। हरियाणा में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा निवास में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक में 26,161 ट्रांसफॉर्मर्स की खरीद को मंजूरी दी गई। खास बात यह रही कि बैठक में केवल बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ही फैसला नहीं हुआ, बल्कि बिजली निगमों में काम करने वाले लाइनमैन और सहायक लाइनमैनों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
26,161 ट्रांसफॉर्मर खरीदने की मंजूरी
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अलग-अलग बिजली निगमों के लिए कुल 26,161 ट्रांसफॉर्मर खरीदे जाएंगे। इनमें दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के लिए 400 केवीए के 100 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPNL) के लिए 40/50 एमवीए के 28 और 25/33.5 एमवीए के 33 पावर ट्रांसफॉर्मर तथा उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के लिए 100 केवीए के 26,000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं। सरकार का कहना है कि पर्याप्त ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध होने से बिजली व्यवस्था में जरूरत के समय बैकअप बनाए रखने में मदद मिलेगी।
लाइनमैनों के लिए पहली बार खास सुरक्षा किट
बिजली व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। लाइनमैन और सहायक लाइनमैनों के लिए 5,000 से 7,500 विशेष T&P किट खरीदने को मंजूरी दी गई है। इन सुरक्षा किट में 14 अलग-अलग आइटम शामिल होंगे। इसका उद्देश्य फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना है। सरकार ने इसे कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला कदम बताया है।
81 करोड़ रुपये के GIS-बे कार्य को भी मंजूरी
बैठक में विभिन्न बिजलीघरों में GIS-बे के निर्माण कार्य को भी मंजूरी दी गई। इन कार्यों पर करीब 81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। GIS यानी गैस इंसुलेटेड स्विचगियर से जुड़ी व्यवस्था बिजली उपकेंद्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके निर्माण से संबंधित बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
बातचीत के बाद कम दरों पर बनी सहमति
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खरीद से जुड़े मामलों में फर्मों के साथ नैगोशिएशन किया। सरकार के मुताबिक ट्रांसफॉर्मर, सुरक्षा किट और GIS-बे के निर्माण के लिए निर्धारित दरों से कम पर सहमति बनाई गई। हरियाणा सरकार पहले भी HPPC की बैठकों में खरीद प्रस्तावों पर बातचीत के जरिए लागत कम करने पर जोर देती रही है।
बिजली आपूर्ति और इमरजेंसी बैकअप पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जहां जरूरत है, वहां पर्याप्त संख्या में ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध होने चाहिए और बिजली निगमों के पास आपात स्थिति के लिए भी पर्याप्त बैकअप रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली निगमों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशीमा बराड़, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक एवं सूचना, जनसंपर्क और भाषा विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया तथा ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव विक्रम सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। कुल मिलाकर, सरकार के इस फैसले से प्रदेश के बिजली वितरण और ट्रांसमिशन ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ फील्ड में काम करने वाले बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।

