Palwal News: मण्डकोला गांव में 6 सितंबर 2026 को हुई बामन पाल महापंचायत में विवाह और सामाजिक रस्मों को लेकर कई निर्णय लिए गए। बारात में अधिकतम 51 लोगों की सीमा, DJ और शराब पर रोक, दहेज में गाड़ी व अतिरिक्त सामान पर प्रतिबंध समेत कई नियम तय किए गए।
पलवल (SHOYAB)। हरियाणा के पलवल जिले के गांव मण्डकोला में 6 सितंबर 2026 को आयोजित बामन पाल महापंचायत में विवाह और सामाजिक आयोजनों से जुड़ी रस्मों को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। महापंचायत में शादी में होने वाले अनावश्यक खर्च और दिखावे को सीमित करने, शराब और DJ पर रोक लगाने तथा बारात में लोगों की संख्या तय करने जैसे निर्णय लिए गए हैं महापंचायत की ओर से जारी निर्णयों के मुताबिक, विवाह से जुड़ी अलग-अलग रस्मों में भेंट, कपड़े, आभूषण और मेहमानों की संख्या को लेकर भी सीमाएं तय की गई हैं। इन फैसलों का उद्देश्य सामाजिक आयोजनों में खर्च और दिखावे को कम करना बताया गया है।
महापंचायत के निर्णय के अनुसार सगाई की रस्म में लड़के को 1 रुपया, 5 कपड़े और 1 किलो मिठाई तक दी जा सकेगी। वहीं बालक-बालिकाओं को भेंट के तौर पर अधिकतम 1,100 रुपये तक देने का प्रावधान रखा गया लड़की की गोदभराई के लिए लड़की पक्ष में अधिकतम 5 स्त्री-पुरुष जाने की बात कही गई है। इस रस्म में लड़की को एक अंगूठी, एक जोड़ी कपड़े और 1 किलो मिठाई दी जा सकेगी। वहीं कन्या पक्ष की तरफ से लड़के पक्ष को भेंट देने की स्थिति में 1 रुपया, मिठाई और सामान्य भेंट देने की अनुमति होगी।
महापंचायत के फैसले में भात की रस्म को भी सीमित किया गया है। इसके लिए अधिकतम 11 व्यक्ति जाने की अनुमति होगी और इन्हीं 11 लोगों के भोजन की व्यवस्था की जा सकेगी। निर्णय के मुताबिक परिवार के कपड़े, एक तोला सोना और 100 ग्राम चांदी के आभूषण दिए जा सकेंगे। थाली में 101 रुपये तक का सगुन और मौर आदि देने की अनुमति होगी। इसके अलावा अतिरिक्त खर्च को सीमित रखने की बात कही गई है
महापंचायत के फैसलों में सबसे अहम निर्णयों में से एक बारात में लोगों की संख्या को लेकर है। तय किया गया है कि बारात में अधिकतम 51 व्यक्ति जा सकेंगे। बारात में शाकाहारी सामूहिक भोजन कराने की बात कही गई है। साथ ही नकल और दिखावे से बचने तथा मिठाई और सीमित व्यंजन रखने का निर्णय लिया गया है।
महापंचायत के फैसलों में सबसे अहम निर्णयों में से एक बारात में लोगों की संख्या को लेकर है। तय किया गया है कि बारात में अधिकतम 51 व्यक्ति जा सकेंग बारात में शाकाहारी सामूहिक भोजन कराने की बात कही गई है। साथ ही नकल और दिखावे से बचने तथा मिठाई और सीमित व्यंजन रखने का निर्णय लिया गया है।
दान-दहेज को लेकर भी महापंचायत ने स्पष्ट नियम तय किए हैं। निर्णय के अनुसार लड़की की विदाई के समय परिवार के कपड़े, एक सूट, अलमारी, एक बेड, 2 तोला सोना और 100 ग्राम चांदी के आभूषण दिए जा सकते हैं। इसके अलावा किसी तरह का अतिरिक्त सामान, नगद या गाड़ी देने पर रोक रखी गई है। वहीं कन्यादान की रस्म में लड़के पक्ष को अधिकतम 11 हजार रुपये तक सगुन देने की अनुमति दी गई है।
महापंचायत ने विवाह समारोहों में DJ नहीं बजाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही शादी-विवाह और अन्य समारोहों में शराब पीने-पिलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। पंचायत की ओर से शराब का ठेका न खुलने देने के लिए प्रयास करने की बात भी कही गई है।
महापंचायत के निर्णयों में मृत्यु के बाद होने वाले कार्यक्रम यानी काज (तेरहवीं) को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। तेरहवीं में मौसमी अल्पाहार और चाय-पानी दिया जा सकेगा, लेकिन भारी या सामान्य भोजन कराने पर रोक रखी गई है। मृत्यु के एक वर्ष बाद कम खर्च में कार्यक्रम करने की अनुमति देने की बात भी निर्णय में शामिल है
मिलनी की रस्म को भी सीमित किया गया है। निर्णय के अनुसार मिलनी के समय प्रत्येक व्यक्ति को 1 रुपये की मिलनी दी जाएगी। लड़के को 5 कपड़े और 101 रुपये तक का सगुन दिया जा सकेगा। इसके साथ ही बिरादरी के स्थान पर शिक्षा, गौशाला, पाठशाला, धार्मिक या सामाजिक कार्यों में दान करने का विकल्प भी रखा गया है।
बरीपूरी में लड़की को 5 जोड़ी कपड़े, करीब 12 मीटर कपड़ा, 2 तोला सोना, 100 ग्राम चांदी के आभूषण, मेहंदी, बिंदी आदि सामग्री देने की अनुमति होगी। वहीं छूचक की रस्म में परिवार के कपड़े, थाली में 101 रुपये, 1 तोला सोना और 100 ग्राम चांदी के आभूषण दिए जा सकेंगे। इसके अलावा कोई बड़ा उत्सव नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
घुड़चढ़ी की रस्म महिलाओं और बहन-बेटियों द्वारा परंपरागत तरीके से किए जाने की बात कही गई है। बारोठी में लड़के को 1 रुपया और 5 कपड़े दिए जा सकेंगे, जबकि आने वाली लड़की को 1,100 रुपये तक सगुन दिया जा सकेगा।
महापंचायत के फैसले में नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है। निर्णय के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं किया जाएगा और रोकथाम एवं सुधार के लिए पंचायत आवश्यक कदम उठाएगी।
महापंचायत ने गौवंश की सेवा और रक्षा करने तथा उसके प्रति क्रूरता नहीं करने का निर्णय लिया है। विवाह या पारिवारिक विवादों के मामलों में पाल पंचायत द्वारा गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेने और तलाक की स्थिति में परिवार को बचाने का प्रयास करने की बात कही गई है। इसके अलावा ग्राम स्तर पर समिति की बैठक हर तीन महीने, पाल स्तर की बैठक हर छह महीने और सर्वपाल कमेटी की बैठक हर वर्ष आयोजित करने का निर्णय लिया गया है
महापंचायत के जारी निर्णयों में लव मैरिज, समगोत्र शादी, सहमति संबंध और समलैंगिक विवाह का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि उपलब्ध निर्णय-पत्र में इन विषयों के संबंध में विस्तृत दंड या कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से नहीं दी गई है। इसलिए इन बिंदुओं को किसी सरकारी या न्यायिक आदेश के रूप में नहीं, बल्कि महापंचायत द्वारा लिए गए सामाजिक निर्णय के तौर पर देखना जरूरी है।
इसी तरह विवाह संबंधी विवादों में पंचायत के फैसले का उल्लेख है, लेकिन किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम कानूनी अधिकार संबंधित कानून और सक्षम न्यायिक संस्थाओं का ही रहेगा।
मण्डकोला में हुई इस महापंचायत के फैसलों में कुल मिलाकर शादी और सामाजिक आयोजनों में कम खर्च, सीमित मेहमान, दहेज पर नियंत्रण, नशामुक्ति और दिखावे से बचने पर जोर दिया गया है। फिलहाल ये निर्णय महापंचायत के सामाजिक नियम हैं। इनके लागू होने और उल्लंघन पर सामाजिक कार्रवाई का दायरा संबंधित पाल/पंचायत के निर्णयों के अनुसार रहेगा। किसी कानूनी अधिकार या आपराधिक मामले पर इन सामाजिक नियमों की जगह भारतीय कानून ही लागू होगा।
नोट: मण्डकोला की 6 सितंबर 2026 की बामन पाल महापंचायत और ऊपर दिए गए 22 बिंदुओं की स्वतंत्र ऑनलाइन पुष्टि मुझे विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोतों से नहीं मिली। इसलिए खबर में इन्हें “महापंचायत के जारी निर्णय/निर्णय-पत्र के अनुसार” लिखा गया है, न कि सरकारी नियम के रूप में।

