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UP News: उत्तर प्रदेश में लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि 2016 के बाद बड़ी भर्ती नहीं हुई। अभ्यर्थी लंबित पदों पर जल्द विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं।
लखनऊ (SHOYAB)। उत्तर प्रदेश में सरकारी लाइब्रेरियन भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 2016 के बाद लाइब्रेरियन पदों पर कोई बड़ी भर्ती नहीं निकली, जबकि लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई पूरी करने वाले युवा लंबे समय से सरकारी नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान एक अभ्यर्थी ने कहा कि वे लाइब्रेरियन की भर्तियों को लेकर यहां पहुंचे हैं और करीब दस साल से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकारी लाइब्रेरियों में पहले से स्वीकृत पद मौजूद होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है।
लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पिछली बड़ी भर्ती 2016 के आसपास हुई थी। उस समय UPSSSC के माध्यम से लाइब्रेरियन और लाइब्रेरी असिस्टेंट के पदों पर भर्ती निकली थी। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक 2016 में अलग-अलग विभागों के लिए लाइब्रेरियन के 74 पद और एक लाइब्रेरी असिस्टेंट पद की भर्ती प्रक्रिया सामने आई थी। इसके बाद से लाइब्रेरी साइंस की डिग्री और डिप्लोमा हासिल करने वाले अभ्यर्थी नई भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थी लगातार अधिकारियों और भर्ती आयोग के सामने अपनी मांग रख रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों ने भर्ती को लेकर आवाज उठाई है। रिपोर्टों के मुताबिक, अभ्यर्थियों ने 14 मई, 2 जून और 19 जून 2026 को भी लखनऊ स्थित UPSSSC मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। जून में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए 50 से अधिक युवाओं ने आयोग के सामने भर्ती की मांग रखी थी। अभ्यर्थियों की मांग है कि PET-2025 के आधार पर लाइब्रेरियन भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी किया जाए, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं को सरकारी नौकरी का मौका मिल सके।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि लाइब्रेरियन के 362 पदों की अधियाचना पहले ही आयोग को मिल चुकी है। उनका कहना है कि इसके बावजूद भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें लगातार जल्द भर्ती शुरू होने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन अभी तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। हालांकि, 362 पदों की अधियाचना को लेकर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों में अभ्यर्थियों का दावा सामने आता है; इसे सरकारी भर्ती विज्ञापन या अंतिम स्वीकृत रिक्तियों की सूची के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अगस्त 2026 में भी लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने भर्ती जल्द निकालने की मांग रखी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, ब्रजेश पाठक ने प्रदर्शनकारी युवाओं से मुलाकात की और उनकी समस्या सुनी। इसके बाद उन्होंने UPSSSC के अध्यक्ष से फोन पर बात कर समाधान निकालने के लिए कहा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश की सरकारी लाइब्रेरियों में स्वीकृत पद होने के बावजूद नियमित भर्ती नहीं होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर लाइब्रेरी साइंस की निर्धारित योग्यता रखने वाले लोगों की जगह अन्य कर्मचारियों से लाइब्रेरी का काम कराया जा रहा है। यह आरोप फिलहाल प्रदर्शनकारियों के दावे हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों से प्रदेश की सभी सरकारी लाइब्रेरियों में ऐसी स्थिति होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि सरकार और संबंधित भर्ती आयोग लंबित प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर लाइब्रेरियन पदों का आधिकारिक विज्ञापन जारी करे। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती नहीं होने के कारण लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई करने वाले युवाओं के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार की सार्वजनिक पुस्तकालय वेबसाइट पर प्रदेश की पुस्तकालय व्यवस्था से संबंधित सरकारी आदेश और विभागीय जानकारी उपलब्ध है। फिलहाल लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों की नजर इस बात पर है कि सरकार और UPSSSC की ओर से अगला आधिकारिक कदम क्या होता है। यदि 362 पदों की अधियाचना से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ती है और आधिकारिक विज्ञापन जारी होता है, तो लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

