चंडीगढ़, ( संजीव राठौर) 26 मई 2026 | हरियाणा सरकार ने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि सभी सिविल निर्माण कार्यों की जांच के लिए उच्च स्तरीय (हाई-लेवल) लैब विकसित की जाए, ताकि हर परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
मंगलवार को इंजीनियरिंग विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर परियोजना के प्रति जिम्मेदारी तय की जाए और कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत की जाए।
हर सप्ताह होगी निगरानी, पोर्टल पर अपलोड होगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी हर सप्ताह निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें और उसकी अनुपालना रिपोर्ट हरियाणा इंजीनियरिंग पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। इसके लिए जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। साथ ही, क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी की मासिक बैठक आयोजित कर विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत
सीएम सैनी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विभागों में सिस्टम सुधार जरूरी है, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में सुधार से समय और धन दोनों की बचत होगी और जनता को लंबे समय तक लाभ मिलेगा।
गुणवत्ता सुधार के लिए अहम फैसले
बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझावों और सुधारात्मक कदमों पर चर्चा हुई, जिनमें
- थर्ड पार्टी एजेंसी से कार्यों की मॉनिटरिंग
- हर परियोजना पर QR कोड प्रदर्शित करना
- DPR और डिजाइन के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति
- बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पॉलिसी चेकिंग
- ड्रेनेज और डिस्पोजल प्लान को अनिवार्य करना
- सभी लैब को NABL से मान्यता दिलाना शामिल हैं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, एसीएस ए.के. सिंह, विजयेन्द्र कुमार, पुलिस हाउसिंग के डीजीपी आलोक मित्तल, विद्युत प्रसारण के एमडी आदित्य दहिया, एचएसआईआईडीसी के एमडी सुशील सारवान सहित जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

