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पत्रकार के विरोध के बाद माफी, लेकिन अंदाज़ पर उठे सवाल… सोशल मीडिया पर तेज़ प्रतिक्रिया
पलवल ( संजीव राठौर) 27 may 2026 | पलवल में मंगलवार को आयोजित बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब एक बीजेपी नेता के मुंह से कथित तौर पर जातिसूचक शब्द निकल गया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते माहौल गरमा गया।

मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने तुरंत इस टिप्पणी का विरोध किया और सवाल उठाया कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल क्यों किया गया।
विवाद बढ़ने के बाद संबंधित नेता की ओर से माफी भी मांगी गई, लेकिन माफी के अंदाज़ पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वायरल हो रही वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि न तो स्पष्ट पछतावा नजर आया और न ही पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की गई।
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल हो गया है। लोग इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि किसी भी जाति के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल संविधान की भावना और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है।
स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की भाषा पूरी तरह निंदनीय है और जनप्रतिनिधियों को अपने शब्दों की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर लोगों में गुस्सा बना हुआ है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या सिर्फ माफी काफी है या इस पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
