भारत में CDS पद का पूरा इतिहास जानें- कारगिल युद्ध से शुरुआत, 2019 में गठन और अब तक के सभी CDS व उनकी भूमिका की पूरी जानकारी।
दिल्ली (डेस्क) 31 may 2026 | भारत की सैन्य संरचना में Chief of Defence Staff (CDS) का पद एक बड़ा और ऐतिहासिक सुधार माना जाता है। यह पद तीनों सेनाओं—थलसेना, नौसेना और वायुसेना—के बीच बेहतर तालमेल, संयुक्त रणनीति और आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया। हालांकि, इसकी नींव आज से नहीं बल्कि कारगिल युद्ध (1999) के बाद पड़ी थी।
कारगिल के बाद उठा CDS का मुद्दा
1999 के कारगिल युद्ध ने भारतीय रक्षा तंत्र में कई कमियों को उजागर किया, खासकर तीनों सेनाओं के बीच समन्वय (Coordination) की कमी। इसके बाद बनी Kargil Review Committee और फिर 2001 के Group of Ministers (GoM) ने सुझाव दिया कि एक ऐसा पद होना चाहिए जो तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करे।हालांकि, राजनीतिक और प्रशासनिक कारणों से यह प्रस्ताव लंबे समय तक लागू नहीं हो सका। 2002 में Integrated Defence Staff (IDS) बनाया गया, जो CDS पद की दिशा में पहला बड़ा कदम था।
2019: जब CDS पद को मिली मंजूरी
करीब दो दशक की चर्चा और विचार-विमर्श के बाद 24 दिसंबर 2019 को केंद्र सरकार ने CDS पद के गठन को मंजूरी दी।इसके साथ ही Department of Military Affairs (DMA) की स्थापना की गई, जिसकी जिम्मेदारी CDS को दी गई।CDS को बनाया गया देश का सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और रक्षा मंत्री का मुख्य सैन्य सलाहकार | यह फैसला भारत की रक्षा व्यवस्था में अब तक के सबसे बड़े सुधारों में से एक माना गया।
अब तक कौन-कौन बने CDS
जनरल बिपिन रावत (पहले CDS)
कार्यकाल: 1 जनवरी 2020 – 8 दिसंबर 2021
भारत के पहले CDS के रूप में जनरल बिपिन रावत ने पद संभाला और तीनों सेनाओं के बीच Jointness और Integration की प्रक्रिया शुरू की। उनके कार्यकाल में Theatre Command जैसे बड़े सुधारों की नींव रखी गई।
दिसंबर 2021 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनका निधन हो गया।
जनरल अनिल चौहान (दूसरे CDS)
कार्यकाल: 30 सितंबर 2022 – 31 मई 2026
जनरल अनिल चौहान को रिटायरमेंट के बाद दोबारा सेवा में बुलाकर CDS बनाया गया।
उन्होंने अपने कार्यकाल में
- तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने
- संयुक्त ऑपरेशन (Joint Operations)
- और थिएटर कमांड सिस्टम को आगे बढ़ाने पर काम किया
उनका कार्यकाल CDS सिस्टम को मजबूती देने के लिए अहम माना जाता है।
जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि (वर्तमान CDS)
कार्यकाल: 31 मई 2026 – वर्तमान
जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने भारत के तीसरे CDS के रूप में पदभार संभाला है।
उन्होंने अपने पहले बयान में साफ किया कि
👉 “Whole of Nation Approach” के तहत भारत की सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा
उनका फोकस है:
- Jointness और Integration को और मजबूत करना
- आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat in Defence)
- स्वदेशी हथियारों का विकास और तेजी से शामिल करना
- सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण और टेक्नोलॉजी आधारित बदलाव

CDS की भूमिका और जिम्मेदारियां
CDS का पद सिर्फ एक सैन्य पद नहीं, बल्कि एक स्ट्रैटेजिक लीडरशिप रोल है। इसकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं:
- रक्षा मंत्री के मुख्य सैन्य सलाहकार के रूप में काम करना
- तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त योजना (Joint Planning)
- Theatre Command जैसे बड़े सुधार लागू करना
- रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना
भारत में CDS का पद सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि रक्षा रणनीति में एक बड़ा परिवर्तन है।कारगिल युद्ध के बाद शुरू हुई यह पहल आज एक मजबूत सिस्टम का रूप ले चुकी है। अब नजरें नए CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि पर हैं, जिनके सामने इस सिस्टम को पूरी तरह लागू करने और भारतीय सेना को भविष्य के युद्ध के लिए तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी है।
