भिवानी में मंत्री राजेश नागर ने आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर सख्त कदम उठाते हुए नोडल अधिकारी को निलंबित किया और निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
भिवानी (डेस्क) 30 मई 2026 |
हरियाणा के भिवानी जिले में आयोजित जिला लोकसंपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक में उस समय सख्ती देखने को मिली, जब एक स्वास्थ्य संबंधी शिकायत पर प्रदेश के मंत्री राजेश नागर ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
मामला आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा था, जिसमें एक मरीज ने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल और संबंधित अधिकारी द्वारा मामले को दबाने की कोशिश की गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने मौके पर ही आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी को निलंबित करने के आदेश दे दिए।
इतना ही नहीं, मंत्री ने संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाते हुए उसका आयुष्मान पैनल से नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबों के इलाज से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए एक संयुक्त जांच समिति गठित की गई है। इस समिति में अतिरिक्त उपायुक्त, सिविल सर्जन और दो महिला गैर-सरकारी सदस्य शामिल रहेंगे, जो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेंगे।
बैठक के दौरान कुल 14 मामलों पर चर्चा हुई। इनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि कुछ मामलों को विस्तृत जांच के लिए आगे बढ़ाया गया।
मंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को भी निर्देश दिए कि लोगों को स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और पानी से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

इसके अलावा, शहर में सीवरेज, सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए। औद्योगिक क्षेत्रों में गंदगी और प्रदूषण को लेकर मंत्री ने संबंधित एजेंसियों को तुरंत सुधार करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने को कहा।
मंत्री राजेश नागर ने दो टूक कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
