नूंह (मेवात) में बढ़ते साइबर अपराध पर पुलिस सख्त। 60 गांवों को हॉटस्पॉट घोषित कर सरपंचों व प्रतिनिधियों को नोटिस जारी, जनसहयोग की अपील।
नूंह (Desk) 02 June 2026 | नूंह जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। साइबर गतिविधियों के आधार पर जिले के 60 गांवों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। इन गांवों के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार नागरिकों को नोटिस जारी कर पुलिस ने सहयोग की अपील की है।
मंगलवार को जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एडिशनल एसपी शशि शेखर ने बताया कि साइबर अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में चलाए गए अभियानों के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड और बैंक से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कई मामलों में ग्रामीणों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोले जा रहे हैं। कुछ लोग खुद को बैंक अधिकारी बताकर गांवों में पहुंचते हैं और खाता खुलवाने या लोन दिलाने के नाम पर लोगों से दस्तावेज और हस्ताक्षर ले लेते हैं। बाद में इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जाता है।
एडिशनल एसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों के दस्तावेज साइबर अपराध में इस्तेमाल होते हैं, वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं, भले ही उनका सीधा संबंध अपराध से न हो। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी बैंकिंग कार्य के लिए सीधे बैंक शाखा में ही जाएं। यदि कोई व्यक्ति घर आकर दस्तावेज या बैंक डिटेल मांगता है तो पहले उसकी पहचान और बैंक से जुड़े होने की पुष्टि जरूर करें।
पुलिस के अनुसार, जिन 60 गांवों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है, वहां से लगातार संदिग्ध मोबाइल लोकेशन और साइबर गतिविधियों के संकेत मिले हैं। इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ऐसे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है जो कमीशन के आधार पर साइबर अपराधियों की मदद करते हैं।
पुलिस ने साफ किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने मकान या अन्य माध्यम से साइबर अपराधियों को सहयोग करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में एक मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिसके घर से साइबर अपराध संचालित हो रहा था।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध पर रोक के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है।
वहीं, जिन गांवों के सरपंचों और प्रतिनिधियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्होंने प्रशासन की इस पहल का समर्थन किया है। उनका कहना है कि वे क्षेत्र को साइबर अपराध से मुक्त करना चाहते हैं और मेवात की छवि सुधारने के लिए पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे।
