हरियाणा में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अनाज भंडारण बढ़ाने और नुकसान रोकने के लिए दिए निर्देश।
चंडीगढ़ | 2 जून 2026
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि किसानों द्वारा मेहनत से उगाए गए अनाज को खराब होने से बचाने के लिए राज्य में भंडारण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनाए जाएंगे।
समीक्षा बैठक में क्या फैसला हुआ?
मुख्यमंत्री ने हरियाणा सिविल सचिवालय में विजन-2047 के तहत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अगले 5 साल के रोडमैप और कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए पूरी तैयारी की जाए। उन्होंने कहा कि अनाज के नुकसान को रोकने के लिए कवर्ड स्टोरेज और कोल्ड स्टोरेज क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
प्रदेश में अनाज उत्पादन और नुकसान
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार:
- खुले में भंडारण के कारण 4 से 5% तक अनाज खराब हो जाता है
- हरियाणा में वर्तमान में:
- 115 लाख मीट्रिक टन गेहूं
- 71 लाख मीट्रिक टन चावल
- 110 लाख मीट्रिक टन फल-सब्जियां
- 115 लाख मीट्रिक टन डेयरी उत्पादन
राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा में हरियाणा का योगदान करीब 25% है।
भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना
- वर्तमान भंडारण क्षमता: 66 लाख मीट्रिक टन
- लक्ष्य: इसे बढ़ाकर 130 लाख मीट्रिक टन करना
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पीपीपी मोड (PPP Mode) के तहत गोदामों का निर्माण किया जाए और सभी विभाग मिलकर काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर भंडारण से अनाज खराब नहीं होगा| किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ मिलेगा | खाद्यान्न का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा | हरियाणा सरकार अगले 5 साल में भंडारण व्यवस्था को मजबूत कर अनाज के नुकसान को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इससे किसानों और खाद्य सुरक्षा दोनों को फायदा मिलेगा।

