चंडीगढ़ में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा की बिजली व्यवस्था की समीक्षा की। राज्य में 16,552 मेगावाट से अधिक बिजली उपलब्ध, स्मार्ट मीटरिंग, सोलर ऊर्जा और ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना पर जोर।
चंडीगढ़ (Desk) | 2 जून 2026
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने और बिजली क्षेत्र में हो रहे घाटे को कम करने के लिए नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने के लिए वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना होगा। मनोहर लाल ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में राज्य के बिजली निगमों और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे।बैठक के दौरान बिजली आपूर्ति में सुधार, तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों में कमी, राजस्व वृद्धि और वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया।

बिजली उपलब्धता
अधिकारियों के अनुसार:
- हरियाणा में 16,552 मेगावाट से अधिक बिजली उपलब्ध है
- चालू वर्ष में अधिकतम मांग 16,454 मेगावाट रहने का अनुमान
- 2029-30 तक मांग बढ़कर 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है
लाइन लॉस में सुधार
- 2013-14 में लाइन लॉस करीब 34% था
- अब इसमें काफी कमी आई है
मनोहर लाल ने सुधार की गति तेज करने के निर्देश दिए।
स्मार्ट मीटर और प्रीपेड सिस्टम
- प्रीपेड मीटरिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा
- पहले सरकारी कार्यालयों में, फिर बड़े उपभोक्ताओं तक विस्तार
- भविष्य में नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर दिए जाएंगे
सौर ऊर्जा पर फोकस
- 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य
- अब तक करीब 86 हजार सिस्टम लगाए जा चुके हैं
सरकार छोटे और मध्यम वर्ग को प्राथमिकता दे रही है।
‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना
- 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली मिल रही है
- योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी सफलता माना गया
बैठक में RDSS, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और कुसुम योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।हरियाणा बिजली क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, स्मार्ट मीटरिंग और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर भविष्य की मांग को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
