उत्तर प्रदेश सरकार ने ESMA लागू करते हुए 6 महीने तक हड़ताल पर रोक लगा दी है। सभी सरकारी विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों में हड़ताल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
लखनऊ (Desk) 03 June 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में अगले 6 महीनों तक किसी भी तरह की हड़ताल पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश अत्यावश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (ESMA), 1966 के तहत लागू किया गया है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह प्रतिबंध राज्य के सभी सरकारी विभागों, निगमों, प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों पर लागू होगा।
क्या है सरकार का आदेश?
- प्रदेश में हर प्रकार की हड़ताल पर रोक
- सभी सरकारी विभाग, निगम और स्थानीय निकाय शामिल
- 6 महीने तक कोई कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकेगा
सरकार का कहना है कि यह फैसला जनहित और जरूरी सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए लिया गया है
ESMA क्या है?
ESMA (Essential Services Maintenance Act) एक ऐसा कानून है जो सरकार को यह अधिकार देता है कि वह
जरूरी सेवाओं में हड़ताल पर रोक लगा सके
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर सके
इस कानून का उद्देश्य स्वास्थ्य, बिजली, पानी और परिवहन जैसी सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखना है।
नियम तोड़ने पर क्या होगा?
- हड़ताल करना गैरकानूनी माना जाएगा
- गिरफ्तारी तक की कार्रवाई संभव
- जेल और जुर्माने का प्रावधान
क्यों लिया गया फैसला?
सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य कारण:
- जरूरी सेवाओं को बाधित होने से रोकना
- प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना
- संभावित आंदोलनों पर नियंत्रण
यह पहली बार नहीं है जब यूपी में ESMA लागू किया गया है। इससे पहले भी सरकार कई बार 6 महीने के लिए हड़ताल पर रोक लगा चुकी है। सरकार के इस फैसले से साफ है कि अब उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह की हड़ताल पर सख्त निगरानी रहेगी | और अगले 6 महीनों तक बिना अनुमति हड़ताल करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

