परिवार पहचान पत्र में ‘मृत’ दर्ज किए गए पवन कुमार का मामला प्रशासन तक पहुंचा। ADC के हस्तक्षेप के बाद सुधार की प्रक्रिया शुरू, जल्द नाम जुड़ने का दावा।
Faridabad (desk) 06 June 2026 | परिवार पहचान पत्र (PPP) में खुद को ‘मृत’ दर्ज किए जाने की समस्या से जूझ रहे पवन कुमार के मामले में अब प्रशासन हरकत में आया है। कई दिनों की भागदौड़ और शिकायतों के बाद सरकारी स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई है। आइए 3 पॉइंट में समझते हैं पूरा मामला
1 जून: समाधान शिविर में उठाई शिकायत
पवन कुमार ने बताया कि 1 जून को वह लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में पहुंचे थे। यहां उन्होंने अधिकारियों के सामने खुद के जिंदा होने की बात रखी। हालांकि, वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें खिड़की नंबर 11 पर भेज दिया, जहां उनसे दोबारा वही दस्तावेज मांगे गए। प्रक्रिया से निराश होकर वह वापस घर लौट गए।
2 जून: प्रशासन ने लिया संज्ञान, ADC ने किया हस्तक्षेप
पवन को 2 जून को कॉल कर फिर से लघु सचिवालय बुलाया गया। इस बार एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने मामले में हस्तक्षेप किया। पवन से उनके तीनों बच्चों की 10वीं की मार्कशीट, 15 साल पुराना राशन कार्ड और पति-पत्नी के वोटर आईडी जमा कराए गए, जिसके बाद सुधार प्रक्रिया शुरू की गई।
4 जून: पत्नी का ‘विधवा’ स्टेटस हटाया, लेकिन नाम अभी भी नहीं जुड़ा
4 जून को पवन को एडीसी कार्यालय से कॉल आया कि उनकी पत्नी का ‘विधवा’ स्टेटस हटा दिया गया है और वह किसी भी CSC सेंटर पर जाकर अपना नाम जोड़ सकते हैं। लेकिन जब वह CSC सेंटर पहुंचे, तो उनका नाम अपडेट नहीं हो सका। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें 2 दिन का और समय मांगा है।

ADC का बयान: गलत जानकारी से शुरू हुई परेशानी
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में शुरुआती जानकारी नागरिकों या CSC संचालकों द्वारा दी जाती है। पवन द्वारा दी गई गलत जानकारी के कारण ही समस्या उत्पन्न हुई।उन्होंने कहा कि अब आवश्यक दस्तावेज मिलने के बाद सुधार प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही उनका नाम जोड़ दिया जाएगा, जिससे वह सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।
पवन का मामला सरकारी सिस्टम में डेटा एंट्री की खामियों और आम आदमी की परेशानियों को उजागर करता है। हालांकि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद अब जल्द समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

