पलवल में जिम फायरिंग केस का बड़ा खुलासा, शिकायतकर्ता ने खुद रची साजिश। पुलिस ने 24 घंटे में किया पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार और अवैध हथियार बरामद।
Palwal (desk) 08 June 2026 |
पलवल पुलिस ने जिम में हुई तोड़फोड़ और कथित फायरिंग के मामले में महज 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा करते हुए पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति ने खुद पर फायरिंग का आरोप लगाया था, वही इस पूरी साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने उसे दो अवैध पिस्तौलों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही तोड़फोड़ की वारदात में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से देसी कट्टा और वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड बरामद हुई है।
पुलिस का खुलासा
डीएसपी मुख्यालय साहिल ढिल्लों ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल के निर्देशन में क्राइम ब्रांच और थाना गदपुरी की संयुक्त टीम ने इस केस को सुलझाया। जांच में स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता ने अपने विरोधियों को हत्या के प्रयास के झूठे केस में फंसाने के लिए खुद ही फायरिंग की थी।
क्या था मामला
6 जून 2026 को धतीर गांव निवासी शेखर ने शिकायत दी थी कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने उसकी जिम में घुसकर फायरिंग की, शीशे तोड़े और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच में पलटी कहानी
घटनास्थल से मिले खाली खोल और बुलेट के आधार पर जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो सच्चाई सामने आई। पता चला कि कुछ आरोपियों ने जिम और गाड़ी में तोड़फोड़ की, लेकिन फायरिंग नहीं की। बाद में शिकायतकर्ता ने खुद फायरिंग कर पुलिस को गुमराह करने की को की।

गिरफ्तारियां और बरामदगी
मुख्य साजिशकर्ता शेखर को दो अवैध पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा रिंकू को देसी कट्टा के साथ पकड़ा गया, जबकि संदीप और महेश को भी गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल लोहे की रॉड बरामद की गई है।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS 2023 और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान झूठे आरोप लगाने से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
पुलिस की चेतावनी
डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि झूठी सूचना देना, झूठा बयान देना या फर्जी सबूत बनाना कानूनन गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे पुलिस को गुमराह करने वाली किसी भी गतिविधि से बचें।
पुलिस ने कहा है कि मामले की गहन जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
