NEET री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने Telegram पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगा दी है। पेपर लीक रोकने के इस फैसले पर अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
New Delhi 17 june 2026 | NEET री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग ऐप Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। सरकारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा। माना जा रहा है कि यह फैसला पेपर लीक और ऑनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर Telegram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लीक होने के मामले सामने आए थे। ऐसे में सरकार ने सख्ती दिखाते हुए इस प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है, ताकि NEET री-एग्जाम निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराया जा सके।
इस फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की पेपर लीक रोकने की नीयत नहीं है।
उन्होंने कहा, “Telegram बंद करना या सेना के जहाजों से पेपर ट्रांसपोर्ट करना जैसे कदम बेतुके हैं। इससे पेपर लीक नहीं रुकेगा।”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पेपर लीक एक बड़ा संगठित नेटवर्क बन चुका है, जिसमें भारी पैसा शामिल है।
*”पेपर लीक का धंधा अरबों का है और इसका पैसा ऊपर तक जाता है। अगर इसे बंद कर दिया जाए तो MLA/MP खरीदने के पैसे कहां से आएंगे?

Telegram पर अस्थायी रोक के फैसले से छात्रों और कोचिंग संस्थानों में भी हलचल देखने को मिल रही है। कुछ छात्र इसे परीक्षा की निष्पक्षता के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कई इसे अचानक लिया गया और असुविधाजनक फैसला बता रहे हैं।
22 जून के बाद सरकार इस फैसले को आगे बढ़ाएगी या Telegram पर से रोक हटेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। साथ ही यह भी देखना अहम होगा कि क्या इस कदम से वास्तव में पेपर लीक पर रोक लगती है या नहीं।
