फरीदाबाद पुलिस ने क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल के तहत 617 जघन्य अपराधियों का वेरिफिकेशन किया। 10 साल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर 24 घंटे निगरानी शुरू।
Faridabad 17 June 2026 |जिले में बढ़ते अपराध पर रोक लगाने के लिए फरीदाबाद पुलिस ने टेक्नोलॉजी का सहारा लेते हुए बड़ा अभियान शुरू किया है। क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल के तहत पुलिस ने अब तक 617 ऐसे अपराधियों का सत्यापन किया है, जो हत्या, लूट, डकैती और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं। इन सभी पर अब चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने पिछले 10 वर्षों के आपराधिक रिकॉर्ड को एकत्रित कर एक विस्तृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है। इसमें अपराधियों की पहचान, उनके पुराने केस, निवास स्थान और गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी शामिल की गई है। इस सिस्टम के जरिए संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक कर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
फरीदाबाद में कुल 3499 आदतन अपराधियों की पहचान की गई है। पुलिस टीमें लगातार इनके घरों और संभावित ठिकानों पर जाकर वेरिफिकेशन कर रही हैं। हालिया कार्रवाई में सैकड़ों अपराधी अपने घरों पर मिले, जबकि कई जेल में बंद पाए गए। कुछ मामलों में आरोपियों की मौत भी हो चुकी है, वहीं कई अब भी पुलिस की निगरानी से बाहर हैं।

फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ समय में संगीन मामलों में शामिल कई आरोपियों को मुठभेड़ के बाद काबू किया गया है और कई गिरफ्तारियां भी की गई हैं। इससे साफ संकेत है कि पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
यह आधुनिक निगरानी प्रणाली फिलहाल फरीदाबाद के अलावा रोहतक, झज्जर और सोनीपत में लागू की गई है। इन जिलों में हजारों अपराधियों का डेटा तैयार कर उन्हें निगरानी में लिया गया है।
पुलिस का मानना है कि इस तकनीक आधारित सिस्टम से अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिलेगा। हालांकि, यह देखना अहम होगा कि यह मॉडल जमीन पर कितनी तेजी से असर दिखाता है।
