हरियाणा सरकार ने 52 आधुनिक कृषि लैब्स और 1468 करोड़ रुपये के 32 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। किसानों, पानी, सड़क और शहरों को मिलेगा बड़ा फायदा।
Chandigarh (SHOYAB ) 17 June 2026 | हरियाणा में विकास को लेकर सरकार ने बड़ा मास्टर प्लान लागू करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक में 1468 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाले 32 बड़े विकास कार्यों को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही पूरे राज्य में 52 आधुनिक कृषि लैब्स स्थापित करने का फैसला लिया गया है।
किसानों पर फोकस, लागत घटाने की तैयारीसरकार का दावा है कि इन कृषि लैब्स के जरिए किसानों को सीधे फायदा मिलेगा। खेतों की मिट्टी की जांच कर यह बताया जाएगा कि किस फसल के लिए कौन-सा पोषक तत्व जरूरी है। हर साल लाखों किसानों के सैंपल टेस्ट कर उन्हें उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल की सलाह दी जाएगी, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बेहतर होगा।
प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावाराज्य सरकार अब प्राकृतिक खेती को भी तेजी से आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके लिए अलग रोडमैप तैयार किया जा रहा है और जिलों में जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। मोरनी क्षेत्र में बड़े स्तर पर प्राकृतिक खेती लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
जमीन विवादों का डिजिटल समाधानराजस्व मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम को मंजूरी दी गई है। इस सिस्टम के लागू होने से जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा तेज और आसान होगा, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पानी, सड़क और शहरों पर बड़ा निवेशबैठक में सिंचाई परियोजनाओं, डैम सुधार, नहरों के पुनर्निर्माण और शहरों में सीवेज सिस्टम को मजबूत करने जैसे कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली।
इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में भी पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों को हरी झंडी दी गई है।
सरकार ने कुरुक्षेत्र में गुरु रविदास भवन और म्यूजियम बनाने को भी मंजूरी दी है। यह प्रोजेक्ट धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले समय में बड़ा आकर्षण बन सकता है।
राज्य में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए नए पावर हाउस और सब-स्टेशन बनाए जाएंगे। साथ ही आयुष अस्पताल के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
सरकार ने बड़े-बड़े ऐलान कर दिए हैं, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये योजनाएं जमीन पर कितनी जल्दी उतरती हैं और आम जनता को कितना फायदा मिलता है।
