भारत की समुद्री ताकत को बड़ा बूस्ट मिला है। आईएनएस दुनागिरी, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संशोधक को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। ये सभी प्लेटफॉर्म स्वदेशी तकनीक से तैयार किए गए हैं, जिससे समुद्री सुरक्षा, निगरानी और रणनीतिक क्षमता में इजाफा होगा। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की मौजूदगी और मजबूत होगी।
नई दिल्ली( sanjeev rathor) 21 June 2026 | भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। भारतीय नौसेना को तीन अत्याधुनिक स्वदेशी प्लेटफॉर्म आईएनएस दुनागिरी, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संशोधक राष्ट्र को समर्पित किए गए।
ये तीनों प्लेटफॉर्म पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित किए गए हैं, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं।इन प्लेटफॉर्म्स का निर्माण देश के शिपयार्ड में किया गया है, जिससे यह साफ होता है कि भारत अब रक्षा उत्पादन में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। यह उपलब्धि न सिर्फ तकनीकी क्षमता को दिखाती है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भारत की मजबूती को भी दर्शाती है।
इन जहाजों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की निगरानी, सुरक्षा और ऑपरेशन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। खासतौर पर हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की मौजूदगी और प्रभाव पहले से ज्यादा मजबूत होगा।
- पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और निर्माण
- आधुनिक तकनीक से लैस प्लेटफॉर्म
- समुद्री सुरक्षा और निगरानी में बढ़ोतरी
- रणनीतिक ऑपरेशन्स को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कमीशनिंग भारत के रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। आने वाले समय में इससे भारतीय नौसेना और अधिक आधुनिक व सक्षम बनेगी।
आईएनएस दुनागिरी, अग्रय और संशोधक का नौसेना में शामिल होना भारत की समुद्री ताकत को नई ऊंचाई देता है और देश को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाता है।
