दिल्ली सरकार ने ई-रिक्शा चालकों के लिए 10 दिन की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है। अब बिना ट्रेनिंग सर्टिफिकेट के ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं होगा।
Delhi (desk) 06 June 2026 |
राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ा नियम लागू किया गया है। अब ई-रिक्शा चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) प्राप्त करने से पहले 10 दिन की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली परिवहन विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
नए नियम के तहत, जो भी व्यक्ति ई-रिक्शा का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाहता है, उसे पहले निर्धारित 10 दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा करना होगा। इसके बाद मिलने वाला ट्रेनिंग सर्टिफिकेट DL आवेदन के साथ अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। बिना इस सर्टिफिकेट के लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
सरकार का यह फैसला राजधानी में बढ़ते ई-रिक्शा हादसों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सड़कों पर अनियंत्रित संचालन और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के चलते दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है।

ट्रेनिंग में क्या सिखाया जाएगा?
इस 10 दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में चालकों को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें शामिल होंगे:
- सड़क पर सुरक्षित तरीके से ई-रिक्शा चलाना
- सही पार्किंग के नियम
- इंटरसेक्शन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्राइविंग
- रात के समय सुरक्षित संचालन
- ब्रेक फेल, टायर फटना या आग लगने जैसी आपात स्थितियों से निपटना
दिल्ली परिवहन विभाग का मानना है कि इस पहल से ई-रिक्शा चालकों की जागरूकता बढ़ेगी और सड़क हादसों में कमी आएगी। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था भी अधिक सुचारु और सुरक्षित बनेगी।
ट्रैफिक जाम पर भी पड़ेगा असर
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम केवल दुर्घटनाओं को कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
