दिल्ली के मदनपुर खादर में बाबलू डेयरी फायरिंग मामले में साउथ-ईस्ट जिला पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो कथित फायरिंग करने वाले आरोपियों को भी आउटर जिला पुलिस ने दूसरे मामले में पकड़ा है।
नई दिल्ली (SHOYAB) 9 सितंबर 2026। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के मदनपुर खादर स्थित जेजे कॉलोनी की बाबलू डेयरी में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक घटना के पीछे आपसी रंजिश और कथित साजिश की बात सामने आई है। इस मामले में दो अन्य आरोपियों को भी आउटर जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक अलग केस में गिरफ्तार किया है। फायरिंग की घटना 2 सितंबर की रात करीब 11:45 बजे हुई थी। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिलने के बाद कालिंदी कुंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक कार्यालय के अंदर 2-3 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें रोहित नाम के 23 वर्षीय युवक के बाएं हाथ की बीच वाली उंगली में गोली लगने से चोट आई। पहले की रिपोर्टों में भी मदनपुर खादर की बाबलू डेयरी में फायरिंग और रोहित के घायल होने की पुष्टि हुई थी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचने के बाद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी और डिजिटल निगरानी का सहारा लिया। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद एक स्वतंत्र गवाह ने भी आरोपियों की मौजूदगी और फायरिंग से पहले हुए विवाद की जानकारी दी।
जांच में भूपेंद्र उर्फ गुड्डू उर्फ ढोलवाला की भूमिका कथित साजिशकर्ता के तौर पर सामने आई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। शुरुआती जांच में भी पुलिस ने भूपेंद्र को कथित साजिश से जोड़ते हुए गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार भूपेंद्र की गिरफ्तारी के बाद तकनीकी निगरानी के जरिए तीन अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है—
दीपक उर्फ भगत, उम्र 30 वर्ष
अविनाश उर्फ राहुल, उम्र 23 वर्ष
राज, उम्र 21 वर्ष
पुलिस का कहना है कि इन सभी से पूछताछ कर घटना में उनकी कथित भूमिका और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
जांच के दौरान पुलिस को मोनू और अभिषेक उर्फ बचकंडा की कथित भूमिका के बारे में भी जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, दोनों पर घटना के दौरान फायरिंग करने का आरोप है। दोनों को आउटर जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने 5 सितंबर को राज पार्क थाने में दर्ज एक अलग मामले में गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर मदनपुर खादर फायरिंग केस से उनका कथित कनेक्शन सामने आया।
पुलिस प्रेस रिलीज के मुताबिक पूछताछ में भूपेंद्र ने कथित तौर पर बताया कि उसका मामा का बेटा दीपक उर्फ पर्चा उसे इलाके में गांजा बेचने के लिए राजी कर रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी गतिविधि को लेकर तरुण उर्फ रंजन ने आपत्ति जताई और कथित तौर पर पैसे की मांग की तथा धमकी दी। इसके बाद पुलिस के अनुसार दीपक उर्फ पर्चा और उसके साथियों ने कथित तौर पर बदला लेने की योजना बनाई और इसी क्रम में 2 सितंबर की रात फायरिंग की घटना हुई। हालांकि, पुलिस ने खुद स्पष्ट किया है कि पूछताछ में सामने आए इन बयानों को स्वतंत्र साक्ष्यों से सत्यापित और पुष्ट किया जा रहा है। इसलिए इसे फिलहाल पुलिस जांच में सामने आया कथित घटनाक्रम ही माना जाना चाहिए।
इस मामले में शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने भी फायरिंग को व्यक्तिगत रंजिश से जुड़ा बताया था। उस समय पुलिस ने भूपेंद्र उर्फ गुड्डू उर्फ ढोलवाला को कथित साजिश में गिरफ्तार किया था और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही थी। अब पुलिस की ताजा कार्रवाई के बाद मामले में आरोपियों की कथित भूमिका की कई कड़ियां सामने आई हैं।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार चार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच का उद्देश्य घटना में प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट करना और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाना है। पुलिस अभी दीपक उर्फ पर्चा और अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। इसके लिए अलग-अलग टीमें तकनीकी निगरानी और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने कहा है कि अपराध की रोकथाम और जांच के लिए तकनीकी निगरानी के साथ-साथ मानवीय सूचना तंत्र और अलग-अलग पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय का इस्तेमाल किया जा रहा है।

