दिल्ली पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल ने सेंधमारी गैंग का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 12 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, 54 चोरी के मोबाइल, नकदी और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है।
नई दिल्ली (DESK): राजधानी दिल्ली में बढ़ते चोरी और झपटमारी के मामलों के बीच उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने थाना सुभाष प्लेस क्षेत्र में हुई सेंधमारी की वारदात का कुछ ही घंटों में खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में न केवल चोरी की वारदात सुलझी, बल्कि चोरी के मोबाइल और आभूषणों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक संगठित रिसीवर नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ है। पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त को सुभाष प्लेस इलाके में हुई सेंधमारी की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी ध्रुव उर्फ कुनाल (23) और पंकज उर्फ पोली (30) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पहले से कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं और थाना सुभाष प्लेस के बैड कैरेक्टर (BC) घोषित हैं।
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी ध्रुव की मां ने चोरी के सोने के आभूषण अपने दस्तावेजों के जरिए एक फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखकर 57 हजार रुपये का लोन लिया था। इस मामले में पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर गिरवी रखे गए आभूषण बरामद कर लिए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 12 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, 65 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और 54 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि बरामद मोबाइल उत्तर-पश्चिम दिल्ली के 22 अलग-अलग चोरी और झपटमारी के मामलों से जुड़े हैं।
पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल फोन को बेहद कम कीमत पर रिसीवरों को बेच देते थे। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े अनवर मलिक, आफताब और रूप कुमार उर्फ अनमोल को भी गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर बड़ी संख्या में चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी का सामान पहचान छिपाने और पुलिस की नजर से बचाने के लिए करोल बाग इलाके में खपाया जाता था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।
उत्तर-पश्चिम जिला की डीसीपी आकांक्षा यादव (IPS) ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में स्ट्रीट क्राइम पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल हालिया सेंधमारी का खुलासा हुआ है, बल्कि कई पुराने चोरी और झपटमारी के मामलों की गुत्थी सुलझने की भी उम्मीद बढ़ गई है

