फरीदाबाद में बीएससी अंतिम वर्ष की तीन छात्राएं अचानक लापता हो गईं। मोबाइल बंद होने के बाद पुलिस ने आखिरी कॉल के जरिए सुराग लगाया और न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से तीनों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
फरीदाबाद (SHOYAB)। कॉलेज से घर लौटने वाली तीन छात्राएं अचानक लापता हुईं तो परिवारों में हड़कंप मच गया। तीनों के मोबाइल फोन भी बंद थे, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई। मामला पुलिस तक पहुंचा तो जांच शुरू हुई और छात्राओं के मोबाइल की लोकेशन से ज्यादा मदद नहीं मिली। फिर पुलिस ने मोबाइल की आखिरी कॉल डिटेल खंगाली। इसी जांच में एक ऐसा नंबर सामने आया, जिसने पूरी कहानी की दिशा बदल दी। नंबर पर संपर्क करने के बाद पुलिस को पता चला कि तीनों छात्राएं दार्जिलिंग घूमने के लिए निकली हैं। इसके बाद पुलिस की टीम उनकी तलाश में निकल पड़ी। हालांकि दार्जिलिंग पहुंचने के बाद भी छात्राएं वहां नहीं मिलीं। बाद में मोबाइल लोकेशन ने उन्हें न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन तक पहुंचा दिया, जहां तीनों सुरक्षित मिल गईं।
इंटरनेट पर दार्जिलिंग देखा और बना लिया घूमने का प्लान
पुलिस के अनुसार तीनों छात्राओं की उम्र करीब 22 से 23 वर्ष के बीच है और वे फरीदाबाद के एक डिग्री कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष की छात्राएं हैं। बताया गया कि तीनों को घूमने और ट्रैवल से जुड़ी वीडियो देखने का शौक था। इंटरनेट पर दार्जिलिंग की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो देखने के बाद तीनों ने वहां घूमने का प्लान बनाया।पुलिस के मुताबिक, उन्होंने इस यात्रा के लिए पहले से पैसे भी जोड़ने शुरू कर दिए थे। परिवार को इसकी जानकारी दिए बिना तीनों ने 14 अगस्त को यात्रा शुरू कर दी
कॉलेज के बाद खाई बिरयानी, फिर बंद कर दिए मोबाइल
पूछताछ में छात्राओं ने पुलिस को बताया कि 14 अगस्त को कॉलेज से निकलने के बाद तीनों नमस्ते चौक पहुंचीं। वहां उन्होंने बिरयानी खाई और इसके बाद अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए। यात्रा से पहले उन्होंने दार्जिलिंग पहुंचने के लिए ट्रेन और बस के रास्ते के बारे में जानकारी जुटा ली थी।
इसके बाद तीनों मेट्रो से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वहां उन्हें पता चला कि दार्जिलिंग के लिए सीधी ट्रेन नहीं मिल रही है। इसके बाद वे ऑटो से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं और वहां से ट्रेन पकड़कर आगे निकल गईं।
रास्ते में बदला प्लान, वाराणसी भी पहुंचीं
पुलिस के अनुसार यात्रा के दौरान तीनों छात्राएं दानापुर रेलवे स्टेशन पर उतरीं। इसके बाद ऑटो से वाराणसी पहुंचीं और वहां गंगा घाट पर गईं। 15 अगस्त की सुबह उन्होंने दानापुर से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए ट्रेन पकड़ी। यहीं से आगे दार्जिलिंग जाने का उनका प्लान था।
परिजन परेशान, पुलिस ने शुरू की तलाश
दूसरी ओर 14 अगस्त की रात तक जब तीनों छात्राएं घर नहीं पहुंचीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। दोस्तों और कॉलेज से जानकारी लेने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने तीनों छात्राओं के मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर मोबाइल बंद होने के कारण लोकेशन से ज्यादा जानकारी नहीं मिली।
आखिरी कॉल ने खोला पूरा राज
जांच के दौरान पुलिस को एक छात्रा के मोबाइल से हुई आखिरी बातचीत में एक युवक का नंबर मिला। पुलिस ने जब उस नंबर पर संपर्क किया तो युवक से पूछताछ में पता चला कि तीनों छात्राएं दार्जिलिंग घूमने के लिए निकली हैं। यह जानकारी पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुई। इसके बाद पुलिस ने दार्जिलिंग में उनकी तलाश की, लेकिन वहां छात्राएं नहीं मिलीं। आगे मोबाइल लोकेशन ट्रेस की गई तो उनकी लोकेशन न्यू जलपाईगुड़ी में मिली।
न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर मिलीं तीनों
पुलिस की जानकारी मिलने के बाद परिजन भी न्यू जलपाईगुड़ी के लिए रवाना हुए। 16 अगस्त की सुबह तीनों छात्राएं रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित मिल गईं। पुलिस के अनुसार तीनों बिना टिकट यात्रा करते हुए न्यू जलपाईगुड़ी तक पहुंची थीं। छात्राओं के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और उन्हें वापस फरीदाबाद लेकर लौट आए।
लापता होने की खबर ने मचाई थी चिंता, लेकिन कहानी निकली अलग
जिस मामले में परिवार तीनों छात्राओं की सुरक्षा को लेकर परेशान था, जांच के बाद उसकी तस्वीर कुछ अलग सामने आई। छात्राएं किसी अपराध की शिकार नहीं हुई थीं, बल्कि अपनी मर्जी से दार्जिलिंग घूमने निकल गई थीं। फिर भी बिना परिवार को बताए घर से दूर निकलना और मोबाइल बंद कर देना परिजनों के लिए बड़ी चिंता का कारण बना। इस पूरे मामले में पुलिस की आखिरी कॉल से मिले सुराग और मोबाइल लोकेशन ने तीनों को सुरक्षित खोजने में अहम भूमिका निभाई।

