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Haryana News: सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने के मामले में सहकारिता विभाग के इंस्पेक्टर अमित कुमार को निलंबित किया गया है। निलंबन आदेश 3 सितंबर 2026 को जारी हुआ।
करनाल/नूंह (DESK)। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बीच सहकारिता विभाग के इंस्पेक्टर अमित कुमार के निलंबन का मामला सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अमित कुमार ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन और उनकी मांगों के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं। इसके बाद हरियाणा सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालय, पंचकूला की ओर से 3 सितंबर 2026 को निलंबन आदेश जारी किया गया। अमित कुमार की तैनाती नूंह जिले के नगीना में सहकारी समितियों के इंस्पेक्टर के तौर पर बताई गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय सिरसा निर्धारित किया गया है और उन्हें संबंधित अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक अमित कुमार सोशल मीडिया पर वाल्मीकि समाज और वाल्मीकि भवन से जुड़े मुद्दे भी उठाते रहे हैं। वह करनाल स्थित वाल्मीकि भवन के अध्यक्ष बताए गए हैं। हालिया पोस्टों में सफाई कर्मचारियों की वेतन और मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन का उल्लेख सामने आया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमित कुमार ने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर पुलिस के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग से जुड़ी पोस्ट की थी। इसके अलावा एक नगरपालिका कर्मचारी संघ के कार्यक्रम में उनके संबोधन का भी उल्लेख प्रशासनिक रिपोर्ट में किया गया है।
निलंबन आदेश के अनुसार अमित कुमार को निलंबन अवधि के दौरान सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, सिरसा के कार्यालय में मुख्यालय रखना होगा। आदेश में निलंबन अवधि के दौरान मिलने वाले निर्वाह भत्ते से संबंधित प्रावधान भी किए गए हैं। छह महीने से अधिक निलंबन जारी रहने की स्थिति में भत्ते के लिए अन्य रोजगार या व्यवसाय में शामिल न होने का प्रमाण देना होगा। अमित कुमार के खिलाफ कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब हरियाणा में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन लगातार चर्चा में है। राज्य के कई शहरों में हड़ताल के कारण कूड़ा जमा होने और सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। कई स्थानों पर नगर निकायों ने पुलिस की मौजूदगी में कूड़ा उठाने की कार्रवाई भी शुरू की थी।
सफाई कर्मचारी नियमितीकरण, ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने, वेतन और दूसरी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत के बावजूद कुछ प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है।
फिलहाल अमित कुमार का निलंबन विभागीय कार्रवाई है। उपलब्ध रिपोर्टों में निलंबन का आधार सोशल मीडिया पोस्ट और संबंधित सामाजिक गतिविधियों को बताया गया है। इसे किसी आपराधिक मामले या दोषसिद्धि के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।

