पलवल के रहीमपुर, चांदहट, फरीजाबाद मीसा, सिहोल और पेलक गांवों के किसानों ने NH-334D भूमि अधिग्रहण में कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाते हुए हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व विभाग) को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जांच कमेटी गठित कर बाजार भाव के अनुसार मुआवजा देने की मांग की है।
Palwal (SHOYAB)राष्ट्रीय राजमार्ग NH-334D (पलवल–अलीगढ़ रोड) के चौड़ीकरण के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर पलवल जिले के पांच गांवों के किसानों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगें फिर से जोरदार ढंग से उठाई हैं। किसानों ने हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व विभाग), पंचकूला को विस्तृत ज्ञापन भेजकर अधिग्रहित भूमि के लिए घोषित मुआवजे पर आपत्ति जताई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग की है।

ज्ञापन के अनुसार रहीमपुर, चांदहट, फरीजाबाद मीसा, सिहोल और पेलक गांवों की कृषि, रिहायशी एवं व्यावसायिक भूमि NH-334D परियोजना के तहत अधिग्रहित की जा रही है। किसानों का कहना है कि 30 मई 2025 को घोषित अवार्ड में तय किया गया मुआवजा क्षेत्र की वास्तविक बाजार कीमत के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि आसपास के क्षेत्र में जमीन की कीमत कई गुना अधिक है, जबकि अधिग्रहण के लिए निर्धारित मुआवजा काफी कम रखा गया है।
किसानों ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि उन्होंने इससे पहले भी 12 अप्रैल 2024 को उपायुक्त पलवल को ज्ञापन देकर सड़क किनारे स्थित भूमि के सर्किल रेट बाजार मूल्य के अनुसार निर्धारित करने की मांग की थी। किसानों का कहना है कि पड़ोसी गांव किवाड़ी में सड़क किनारे की भूमि के लिए अलग सर्किल रेट तय किए गए हैं, जबकि उनके गांवों के साथ समान व्यवहार नहीं किया गया।
ज्ञापन में सड़क किनारे स्थित पेट्रोल पंप, दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और पक्के मकानों के उचित मूल्यांकन का मुद्दा भी उठाया गया है। किसानों का आरोप है कि इन संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन किए बिना ही मुआवजा निर्धारित कर दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की जाए, भूमि और व्यावसायिक संपत्तियों का दोबारा निष्पक्ष मूल्यांकन कराया जाए तथा वास्तविक बाजार दर के आधार पर मुआवजा तय किया जाए। किसानों का यह भी दावा है कि कम मुआवजे के विरोध में कई प्रभावित किसानों ने अभी तक मुआवजा राशि स्वीकार नहीं की है।
फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। SATMARK NEWS प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा। यह समाचार किसानों द्वारा सरकार को दिए गए ज्ञापनों और दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है।
