Palwal के लीखी गांव में पुरुषोत्तम मास के दौरान 84 कोस ब्रज परिक्रमा मार्ग पर समाजसेवियों द्वारा विशाल सेवा शिविर लगाया गया, जहां श्रद्धालुओं को भोजन, जल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पलवल/लीखी | Satmark News
ब्रजभूमि में चल रहे पावन पुरुषोत्तम (मल) मास के अवसर पर 84 कोस ब्रज परिक्रमा मार्ग स्थित लीखी गांव में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए समाजसेवियों द्वारा एक माह का विशाल सेवा शिविर आयोजित किया गया है। इस शिविर का संचालन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य पुष्पेन्द्र ठाकुर एवं उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है।
शिविर में परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की निस्वार्थ भाव से सेवा की जा रही है। इस सेवा कार्य में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज शांतुन ठाकुर, समाजसेवी रोहित कौशिक, हनुमान चालीसा परिवार के संयोजक एवं पत्रकार समाजसेवी सतबीर उर्फ सोनू बजरंगी सहित कई गणमान्य लोग सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं के लिए इस सेवा शिविर में ठंडे पानी, पेय पदार्थ, कढ़ी-चावल, दाल-चावल, पूड़ी-सब्जी और तरबूज सहित विभिन्न प्रकार के भोजन की व्यवस्था की गई है। यह शिविर परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए राहत केंद्र बना हुआ है।
इसी के साथ लीखी (likhi) गांव में वृंदावन धाम के पूज्य श्री स्वामी माधवनारायणाचार्य जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन भी किया जा रहा है। कथा श्रवण के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा के दौरान धर्म, संस्कृति और मानव सेवा का संदेश दिया जा रहा है।

हनुमान चालीसा परिवार के संयोजक सतबीर उर्फ सोनू बजरंगी ने सेवा कार्य से जुड़े कार्यकर्ताओं को ‘जय श्रीराम’ का पटका पहनाकर तथा हनुमान चालीसा की पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सभी ने समाज में धर्म, सेवा और संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
गौरतलब है कि 84 कोस ब्रज परिक्रमा 17 मई से शुरू हुई है, जो लगभग एक माह तक चलेगी। यह ऐतिहासिक परिक्रमा हरियाणा, उत्तर प्रदेश (uttar pradesh), राजस्थान ( Rajasthan )और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने सेवा शिविर एवं कथा आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे धार्मिक व सामाजिक आयोजन समाज में सेवा, सद्भाव और संस्कारों को मजबूत करते हैं।
