श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में हरियाणा CM के स्पेशल पब्लिसिटी OSD और कलाकार गजेंद्र फोगाट ने प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस का पद संभाला। विद्यार्थियों को परफॉर्मिंग आर्ट और संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया।
पलवल (SHOYAB)। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (SVSU) में अब विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ कला और परफॉर्मिंग आर्ट का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्पेशल पब्लिसिटी OSD और चर्चित कलाकार गजेंद्र फोगाट ने सोमवार को विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में पद ग्रहण किया विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने गजेंद्र फोगाट को नियुक्ति पत्र सौंपा। SVSU खुद को भारत का पहला सरकारी स्किल विश्वविद्यालय बताता है और इसका मुख्य परिसर पलवल के दूधौला में है
पद संभालने के बाद गजेंद्र फोगाट ने विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद किया और उनकी स्पेशल क्लास ली। इस दौरान उन्होंने परफॉर्मिंग आर्ट, व्यक्तित्व विकास, संस्कृति और बदलते दौर में आर्ट की भूमिका पर विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परफॉर्मिंग आर्ट ऐसा हुनर है, जिसे कोई व्यक्ति से छीन नहीं सकता। उनके मुताबिक यह कौशल व्यक्ति को लंबे समय तक सम्मान और पहचान दिलाने में मदद कर सकता है। गजेंद्र फोगाट ने कला को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए इसे व्यक्तित्व विकास से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परफॉर्मिंग आर्ट व्यक्ति को अपने भीतर झांकने और खुद को बेहतर तरीके से समझने का अवसर देती है।
गजेंद्र फोगाट ने विद्यार्थियों के बीच हरियाणवी और ब्रज की लोक संस्कृति के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना जरूरी है और कला इसके लिए प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी संस्कृति और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़े रहेंगे तो उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में भी मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय की ओर से भी कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने की दिशा में काम करने की बात कही गई।
स्पेशल क्लास के दौरान गजेंद्र फोगाट ने विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भी अपनी बात साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों से AI को अपने काम में एक टूल के तौर पर इस्तेमाल करने का आह्वान किया। उनका संदेश था कि युवा तकनीक के इस्तेमाल में आगे रहें, लेकिन अपनी रचनात्मकता और कौशल को तकनीक पर पूरी तरह निर्भर न बनाएं।
गजेंद्र फोगाट ने SVSU में अपनी नई भूमिका के दौरान ब्रज क्षेत्र से अपने जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ब्रज की लोक संस्कृति के माध्यम से उन्हें देश-विदेश में पहचान और प्रशंसा मिली है और वे इस क्षेत्र के प्रति खुद को ऋणी मानते हैं। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट स्तर तक ले जाना उनका लक्ष्य रहेगा।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने गजेंद्र फोगाट का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को केवल तकनीकी कौशल तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें कला और संस्कृति से भी जोड़ना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कला से जोड़ने से उनमें रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित होगा। साथ ही उन्हें अपनी संस्कृति के करीब लाने में भी मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की व्यवस्था और इस तरह के विशेषज्ञों को जोड़ने की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
कार्यक्रम के दौरान कुलसचिव सुमन वशिष्ठ, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर कुलवंत सिंह, अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह, परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट के डीन प्रोफेसर राम विरंजन, निदेशक चंचल भारद्वाज, डिप्टी DSW डॉ. भावना रूपराई, डॉ. दिलीप रैना, प्राचार्य सतेंद्र कुमार सौरोत, वेब एडमिनिस्ट्रेटर प्रवीण आर्य, डॉ. नकुल, डॉ. राजकुमार तेवतिया और संशबीर डागर सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। गजेंद्र फोगाट की नियुक्ति से विश्वविद्यालय में कला, संस्कृति और परफॉर्मिंग आर्ट से जुड़ी गतिविधियों को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है। वहीं, विद्यार्थियों के साथ उनकी पहली क्लास ने इस नई भूमिका की शुरुआत को खास बना दिया।

