श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में वैदिक मंत्रोच्चारण और यज्ञ के साथ ‘कौशल आरम्भ’ हुआ। कुलगुरु प्रो. दिनेश कुमार ने AI और इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के अनुसार विद्यार्थियों को तैयार रहने की बात कही।
पलवल (SHOYAB)। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में नए सत्र की शुरुआत पारंपरिक वैदिक अनुष्ठान के साथ हुई। विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित ‘कौशल आरम्भ’ कार्यक्रम में यज्ञ किया गया, जिसमें कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार, कुलसचिव सुमन वशिष्ठ, शिक्षक और विद्यार्थियों ने आहुतियां डालीं। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुई। इस दौरान विद्यार्थियों ने नए सत्र में कौशल, अनुशासन और नवाचार को अपनी शिक्षा का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कक्षा के साथ इंडस्ट्री में भी मिलेगा अनुभव
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय का दोहरा एजुकेशन मॉडल विद्यार्थियों को अलग तरह का अनुभव देता है। इसके तहत विद्यार्थी कक्षा में पढ़ाई करने के साथ-साथ इंडस्ट्री में जाकर व्यावहारिक अनुभव भी हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मॉडल जर्मनी और जापान की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसमें पढ़ाई के साथ काम का वास्तविक अनुभव विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
AI के दौर में कंप्यूटर विद्यार्थियों को बदलती तकनीक के लिए तैयार रहना होगा
कुलगुरु ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के आने के बाद कंप्यूटर के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को नई तकनीक को समझने और उसके साथ खुद को लगातार अपडेट रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कौशल के माध्यम से Gen-Z को सही दिशा देना विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों से लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने का आह्वान
कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने विद्यार्थियों को नए सत्र और करियर के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य स्पष्ट रखना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। कार्यक्रम में कुबिट्स टेंसर्स के संस्थापक विंग कमांडर (रि.) डॉ. प्रतीक थापर, विप्रो के क्लाउड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर हेड सौरभ वढेरा और ग्लोबस एट के संस्थापक एवं सीईओ आलोक सिन्हा पैनलिस्ट के रूप में शामिल हुए। तीनों विशेषज्ञों ने कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने उन्हें इनोवेशन, रचनात्मक सोच और तकनीकी क्षेत्र में बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करने के टिप्स दिए। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं और सवालों पर भी चर्चा की गई।
अनुशासन और तकनीकी समझ पर भी जोर
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर कुलवंत सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं डीन प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों से विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर संवाद किया और करियर में आगे बढ़ने के लिए मेहनत को जरूरी बताया। कार्यक्रम की चेयरपर्सन प्रोफेसर ऊषा बत्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आभार जताया। उन्होंने विद्यार्थियों को नए सत्र की शुभकामनाएं देते हुए नवाचार और कौशल को अपनी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
यज्ञ के साथ लिया कौशल और नवाचार का संकल्प
‘कौशल आरम्भ’ के दौरान वैदिक अनुष्ठान के साथ विद्यार्थियों ने अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और लगातार कुछ नया सीखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम मे सहित कंप्यूटर साइंस विभाग के शिक्षक मौजूद रहे।

