जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट ने तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने मामले में जांच से जुड़े निर्देश भी दिए हैं।
नई दिल्ली (DESK) 16 SEP 26: जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। अदालत ने मंगलवार, 15 सितंबर को उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी। यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने सुनाया। यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था और बाद में स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया था।
अंतरिम जमानत देते हुए अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में कुछ अहम पाबंदियां भी लगाई हैं। LiveLaw की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत की अवधि में मामले, अपने बचाव या शिकायतकर्ता और उसके परिवार से संबंधित कोई बयान, वीडियो, पॉडकास्ट, इंटरव्यू, रील या पोस्ट सार्वजनिक मंच पर साझा नहीं करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने जांच में कुछ कमियों और सवालों की ओर भी ध्यान दिलाया और संबंधित जांच अधिकारी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। स्वतंत्र भारद्वाज की नियमित जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होनी है।
जमानत पर सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े मामले में SC/ST एक्ट और POCSO एक्ट के तहत अलग-अलग FIR दर्ज हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी गिरफ्तारी SC/ST एक्ट से जुड़ी FIR में हुई थी, जबकि POCSO मामले में उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी। इससे पहले उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया था।
तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि मामले की कानूनी प्रक्रिया खत्म हो गई है। फिलहाल भारद्वाज को अंतरिम राहत मिली है, जबकि नियमित जमानत पर अदालत आगे सुनवाई करेगी। 6 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में नियमित जमानत या अंतरिम राहत को आगे बढ़ाने से जुड़े सवाल पर फैसला हो सकता है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति अदालत की आगे की कार्यवाही और जांच पर निर्भर करेगी। स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

