पलवल एसपी नीतीश अग्रवाल ने लोगों को साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

Palwal (SHOYAB ) | पलवल के पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने जिलेवासियों से साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग लोगों की तकनीकी जानकारी का नहीं, बल्कि उनकी जल्दबाजी, लालच और घबराहट का फायदा उठाकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। इसलिए किसी भी अनजान कॉल, लिंक या निवेश प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच अवश्य करें।
एसपी ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई, आयकर विभाग या बैंक कभी भी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करता और न ही फोन पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहता है। ऐसे सभी कॉल और संदेश पूरी तरह फर्जी होते हैं और लोगों को डराकर या लालच देकर ठगी करने के उद्देश्य से किए जाते हैं।
इन तरीकों से लोगों को बना रहे हैं शिकार
एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ओएलएक्स, फर्जी निवेश ऐप, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग, पार्ट-टाइम जॉब, क्यूआर कोड स्कैम, लोन ऐप और रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शेयर मार्केट और क्रिप्टो में अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाया जाता है। वहीं पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर टास्क पूरा करवाकर लोगों से पैसे ऐंठे जाते हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर आर्थिक मदद मांगी जाती है और क्यूआर कोड भेजकर बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती है।
रिमोट एक्सेस ऐप से भी रहें सतर्क
एसपी नीतीश अग्रवाल ने बताया कि साइबर ठग एनीडेस्क, टीमव्यूअर जैसी रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं। इसके अलावा बिजली बिल, गैस, फास्टैग, केवाईसी, पैन अपडेट, पार्सल डिलीवरी और फर्जी कस्टमर केयर नंबर के नाम पर भी लोगों से ठगी की जा रही है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- ओटीपी, सीवीवी, एटीएम पिन और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयर या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें।
- सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश या नौकरी के ऑफर की पूरी जांच करें।
- केवल आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें।
- किसी भी लालच या डर में आकर तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
एसपी ने कहा कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को भी साइबर अपराध से सुरक्षित रखा जा सके।
