पलवल(शोयब)
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में आयोजित योग प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने अद्भुत शारीरिक लचक, संतुलन और योग कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में चक्रासन, गरुड़ासन, वृक्षासन, मरीच्यासन, पश्चिमोत्तानासन, भुजंगासन और ताड़ासन सहित कई संतुलनात्मक एवं लचीलेपन से जुड़े योगासन प्रस्तुत किए गए। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से 45 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलसचिव ज्योति राणा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण और असंतुलित जीवन में योग मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीन सुचित्रा वशिष्ठ ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और स्वास्थ्य जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।प्रतियोगिता के परिणामों में स्टाफ महिला वर्ग में प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रियम श्योराण दूसरे और डॉ. हिमानी वार्ष्णेय तीसरे स्थान पर रहीं। स्टाफ पुरुष वर्ग में जगबीर प्रथम, दुर्गेश गुप्ता द्वितीय और डॉ. सोहन लाल तीसरे स्थान पर रहे।
15 से 21 वर्ष आयु वर्ग पुरुष में बीटेक के जयेंद्र ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि बीएससी योग एवं आध्यात्मिक विज्ञान के सौरभ दूसरे और बीवॉक के जय तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में सीमा प्रथम, प्राची द्वितीय और जिया तृतीय स्थान पर रहीं।21 से 35 वर्ष पुरुष वर्ग में संजय प्रथम, लक्ष्मण द्वितीय और बादल धारीवाल तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में कुमकुम ने पहला, तनु ने दूसरा और खुशी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम का समन्वयन योग विभाग के कोऑर्डिनेटर अजय कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर डीवी पाठक, प्रोफेसर सुरेश कुमार, प्राचार्य सतेंद्र सौरोत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

